महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़, ओडिशा के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द सुलझाया जाएगा: मुख्यमंत्री साय
महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़, ओडिशा के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द सुलझाया जाएगा: मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 21 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कहा कि लंबे समय से जारी महानदी जल विवाद का छत्तीसगढ़ और ओडिशा, दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान कर लिया जाएगा।
ओडिशा की दो दिवसीय यात्रा से लौटने के बाद रायपुर में स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में साय ने कहा कि उन्होंने महानदी जल विवाद सहित विभिन्न मुद्दों पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ चर्चा की।
साय ने कहा, “महानदी के पानी का मुद्दा बहुत जल्द सुलझने वाला है। दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है, जबकि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार है। कहीं भी विवाद की स्थिति नहीं है।”
इससे पहले, यह मामला महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के समक्ष था और अब इसे केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के पास भेजा गया है।
साय ने कहा, “दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा।”
इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की एक प्रस्तुति को लेकर हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर साय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता की आलोचना की।
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं। इस तरह का आचरण और व्यवहार उन्हें शोभा नहीं देता। उनकी असलियत पूरे देश के सामने आ रही है।
महानदी के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद एक दशक से भी अधिक समय से जारी है। ओडिशा ने छत्तीसगढ़ में निर्मित ‘अपस्ट्रीम बैराज’ पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि ये बहाव प्रवाह को प्रभावित करते हैं।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि पांच नदियों-महानदी, गोदावरी, गंगा, ब्राह्मणी, नर्मदा-के घाटी क्षेत्र छत्तीसगढ़ में पड़ते हैं, जबकि राज्य की 78 प्रतिशत आबादी महानदी घाटी में रहती है, जो प्रदेश की जीवन रेखा है।
ओडिशा सरकार ने 2016 में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय (अब जल शक्ति मंत्रालय) के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें ‘अपस्ट्रीम’ में औद्योगिक उद्देश्य के लिए छह बैराज के निर्माण पर आपत्ति जताई गई थी।
हाल के महीनों में दोनों राज्यों ने संवाद और तकनीकी परामर्श के जरिये एक सौहार्दपूर्ण समाधान करने की अपनी इच्छा का संकेत दिया है।
केंद्र ने 30 जुलाई को महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में काम करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में साय और माझी के बीच एक बैठक आयोजित की थी।
भाषा
संजीव पारुल
पारुल

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