Sushasan Tihar 2026: बंदूक चलाने वाले हाथ हुए आत्मनिर्भर! आत्मसमर्पित नक्सली दंपत्ति ने खोली किराने की दुकान, सीएम साय ने सामान खरीदकर बढ़ाया हौसला
Sushasan Tihar 2026: सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे।
Sushasan Tihar 2026/Image Credit: CG DPR
- सीएम विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर के ग्राम कोण्डापल्ली दौरा किया।
- आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की दुकान पर रुके सीएम साय।
- सीएम साय ने आत्मसमर्पित दंपत्ति की दूकान से खरीदा सामान।
Sushasan Tihar 2026: रायपुर: प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी। यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।
मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। (Sushasan Tihar 2026) इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।
बंदूक से रोजगार तक का सफर
मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया।
Sushasan Tihar 2026: उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया।
लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। (Sushasan Tihar 2026) अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

Image Credit: CG DPR
पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार
Sushasan Tihar 2026: बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।
अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। (Sushasan Tihar 2026) दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।
बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर
Sushasan Tihar 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। (Sushasan Tihar 2026) यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।
इन्हे भी पढ़ें:-
- Bajaj Avenger 220 Street Launch: बिना शोर-शराबे के बजाज ने लॉन्च कर दी ये नई धांसू बाइक! लंबी दूरी के सफर को बनाएगी बेहद आसान, जानें कितनी है कीमत
- Dhurandhar 2 Box Office Collection: रिलीज के 74वें दिन भी ‘धुरंधर 2’ कर रही ताबतोड़ कमाई, अब तक का कलेक्शन जानकर चौंक जाएंगे आप
- Donald Trump on Netanyahu: ‘Fu##### Crazy…’ कहकर ट्रंप ने नेतन्याहू को सुनाई खरी-खोटी! इजरायल के सबसे बड़े समर्थक ही हुए नाराज, क्या जंग में साथ निभाने वाली दोस्ती अब टूटने की कगार पर?

Facebook


