अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेल में बंद आरोपी को नीट परीक्षा देने की अनुमति दी
अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेल में बंद आरोपी को नीट परीक्षा देने की अनुमति दी
बिलासपुर, 19 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में केंद्रीय जेल रायपुर में बंद छात्र को रविवार को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में बैठने की अनुमति प्रदान की है। न्यायालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने रायपुर के पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक को निर्देशित किया है कि, छात्र को उचित पुलिस अभिरक्षा में परीक्षा केंद्र ले जाना सुनिश्चित करें।
आवेदक छात्र को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत रायपुर के खमतराई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एडवोकेट अनुकूल बिस्वास के माध्यम से उच्च न्यायालय में अस्थायी जमानत की मांग करते हुए अंतरिम आवेदन पेश किया गया था।
रायपुर के शिवानंद नगर इलाके में 20 वर्षीय एक युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में याचिकाकर्ता के खिलाफ 29 मई को मामला दर्ज किया गया था।
युवती, जो खुद भी नीट की तैयारी कर रही थी, ने 20 अप्रैल को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
आवेदक के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को नीट,2026 परीक्षा में उपस्थित होना आवश्यक है, जो 21 जून 2026 को केंद्रीय विद्यालय, रायपुर में आयोजित होने वाली है। यह भी कहा गया कि प्रवेश पत्र की एक प्रति इस आवेदन के साथ संलग्न की गई है।
उच्च न्यायालय ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने मामले में तत्काल सुनवाई करते हुए कहा कि सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, विशेष रूप से इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि आवेदक नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा छात्र है और उसे 21 जून 2026 को उक्त परीक्षा में शामिल होना है, यह न्यायालय न्याय के हित में यह उचित समझता है कि अस्थायी जमानत देने की बजाय आवेदक को पुलिस अभिरक्षा में उक्त परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाए।
उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि आवेदक छात्र को परीक्षा में उपस्थित होने के उद्देश्य से 21 जून 2026 को पुलिस अभिरक्षा में परीक्षा केंद्र, रायपुर ले जाया जाए।
अदालत ने कहा कि परीक्षा पूरी होने पर आवेदक को तुरंत संबंधित जेल में वापस लाया जाएगा जहां वह वर्तमान में बंद है।
भाषा सं संजीव शफीक
शफीक

Facebook


