रायपुरः Chhattisgarh Nikay Chunav छत्तीसगढ़ में दिसंबर में होने वाले निकाय चुनाव से पहले अब नेताओं को वार्डों के रूटे-अटके विकास कार्यों की चिंता होने लगी है। वजह जनता की असुविधा से ज्यादा इस बात की है कि अब नेताओं को सीधे-सीधे फिर अपने लिए वोट मांगने जनता के बीज जाना है तो पिछले वायदों और मौजूदा समस्याओं पर जवाब तो देना ही होगा। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने निकाय चुनाव से पहले अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तय किया है कि अब विकास कार्यों को रफ्तार देना ही होगा…भले ही वहां वर्तमान में कांग्रेस का मेयर क्यों ना हो?
Chhattisgarh Nikay Chunav छत्तीसगढ़ के कुल 15 नगरीय निकायों जिसमें 4 नगर निगम बीरगांव, भिलाई, रिसाली और चरौदा, 5 नगर पालिका और 6 नगर पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा है> इसके अलावा दो नवगठित नगर पंचायतों में भी चुनाव होना है। इसके लिए BJP मुख्यालय में हुई बैठक में चुनाव क्षेत्रों के विधायक, सांसद और जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्र में अधूरे प्रोजेक्ट की लिस्ट सामने रख, इन्हे फौरन पूरा करने की मांग की। सूत्रों के मुताबिक संगठन के निर्देश पर सरकार संबंधित निकायों में लंबित और प्रस्तावित विकास कार्यों को गति देने की तैयारी कर ली है। बीजेपी चाहती है कि जमीन पर विकास कार्य दिखें।
हालांकि बीजेपी की इस कवायद पर कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि फिर साफ हो गया कि बीजेपी सरकार जानबूझकर कांग्रेस शासित निकायो में प्रोजेक्ट अटका कर रखती है। आरोपों का जवाब देते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा राज्य सरकार ने हमेशा बिना किसी भेदभाव के निकायों को राशि उपलब्ध कराई है, लेकिन कांग्रेस की मंशा ही नहीं है प्रदेश तरक्की करे। कांग्रेस का कहना है कि जहां-जहां कांग्रेस की नगर सरकारें हैं, वहां-वहां उनके साथ सौतेला बर्ताव किया जाता है तो बीजेपी कहती है कि कांग्रेस की कभी मंशा ही नहीं रही विकास करने की। सवाल ये है कि क्या अधूरे प्रोजेक्ट पर दलों की सफाई से जनता संतुष्ट होगी ?