Indravati Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया, पर्यटकों को मिलेगी ये सुविधा, वन विभाग ने शुरू किया काम

Indravati Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया, पर्यटकों को मिलेगी ये सुविधा, वन विभाग ने शुरू किया काम

Indravati Tiger Reserve: छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार खुलेगा इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया, पर्यटकों को मिलेगी ये सुविधा, वन विभाग ने शुरू किया काम

Indravati Tiger Reserve | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 8, 2026 / 02:42 pm IST
Published Date: April 8, 2026 2:42 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इंद्रावती टाइगर रिज़र्व पहली बार पर्यटकों के लिए खोला जाएगा
  • कुटरू–फरसेगुड़ा और भोपालपट्नम मट्टेमरगा से प्रवेश की व्यवस्था होगी
  • टाइगर, वनभैंसा, गिद्ध समेत कई वन्यजीव देखने का अवसर मिलेगा

रायपुर: Indravati Tiger Reserve 31 मार्च 2026 के बाद से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो चुका है, अब जो गृहमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बस्तर सहित पूरे राज्य से हथियारबंद नक्सली कैडर का सफाया हो चुका है और बचे हुए नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ नक्स्लमुक्त होने के बाद अब बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल, 35 साल बाद अब इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया खुलने जा रहा है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार पर्यटकों के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व एरिया को खोला जाएगा।

वन विभाग ने शुरू किया काम

Indravati Tiger Reserve इसके लिए वन विभाग ने पर्यटन प्रोजेक्ट का काम भी शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इंद्रावती नदी के किनारे एक पर्यटन ग्राम (टूरिज्म विलेज) भी विकसित किया जाएगा। उसके पहले जिप्सी के जरिए टूरिस्ट को घुमने का मौका मिलेगा।

एंट्री के लिए होंगे दो रास्ते

वहीं पर्यटकों की एंट्री के लिए कुटरू–फरसेगुड़ा की ओर से एक एंट्री प्वाइंट होगी। वहीं दूसरा एंट्री प्वाइंट भोपालपट्नम मट्टेमरगा की ओर से होगा। इन दोनों जगहों पर गेट बनाए जाएंगे और खास बात यह है कि लोकल लोगों को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। यहां टूरिस्ट्स को टाइगर, वनभैंसा, गिद्ध समेत कई तरह के वाइल्डलाइफ देखने को मिल सकते हैं।

31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी प्रभावित राज्यों को माओवाद से मुक्त

बता दें कि चार दशक पुराने माओवाद के खात्मे का 31 मार्च 2026 आखिरी दिन था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो साल पहले ‘लाल आतंक’ के खात्मे की डेडलाइन तय की थी। उन्होंने बताया था कि, राज्यों की पुलिस और केंद्रीय बलों के समन्वय के साथ 31 मार्च 2026 तक देशभर के सभी प्रभावित राज्यों को माओवाद से मुक्त कर दिया जाएगा।

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।