Home » Chhattisgarh » Pakhanjur News: Drunk superintendent found roaming in the ashram
Pakhanjur News: उलटे कपड़े पहन आश्रम में घूमता मिला नशे में धुत अधीक्षक, बीजेपी सांसद ने मौके पर ही कराया सस्पेंड, बालक छात्रावास निरीक्षण में खुली पोल
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Pakhanjur News: उलटे कपड़े पहन आश्रम में घूमता मिला नशे में धुत अधीक्षक, बीजेपी सांसद ने मौके पर ही कराया सस्पेंड, बालक छात्रावास निरीक्षण में खुली पोल
पखांजूर: Pakhanjur News: पखांजूर दौरे पर आए सांसद भोजराज नाग ने जब अचानक दुर्गूकोंदल ब्लॉक स्थित बालक छात्रावास सुरूंगदोह का निरीक्षण किया तो वहां की हालत देख वह स्तब्ध रह गए। निरीक्षण के दौरान आश्रम के अधीक्षक ओकेंश्वर चुरेंद्र नशे की हालत में पाए गए। हैरानी की बात यह रही कि अधीक्षक ने उलटे कपड़े पहन रखे थे और उसी हालत में आश्रम परिसर में घूम रहे थे।
Pakhanjur News: अध्यक्ष की यह लापरवाही देख सांसद भोजराज नाग ने तत्काल प्रभाव से अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि छात्रावासों में रह रहे बच्चों की देखरेख और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Pakhanjur News: सांसद भोजराज नाग ने तत्काल जिम्मेदार अधिकारीयों को फ़ोन से पुरे मामले की जानकारी दी जिसके बाद उन्होंने कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए है। बता दें दी लगातार बालक आश्रमों में इस तरह की खबरेंसामने आती है जो की बच्चों के भविष्य के लिए चिंताजनक है।
"बालक छात्रावास" क्या होता है और इसका उद्देश्य क्या है?
"बालक छात्रावास" सरकारी या निजी संस्थाओं द्वारा संचालित ऐसे आवासीय केंद्र होते हैं जहां पर ग्रामीण, आदिवासी या गरीब तबके के बच्चों को शिक्षा और रहने की सुविधा प्रदान की जाती है।
"बालक छात्रावास" में बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी होती है?
"बालक छात्रावास" में बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और अनुशासन की ज़िम्मेदारी अधीक्षक और संबंधित शासकीय विभाग की होती है।
अगर "बालक छात्रावास" में लापरवाही हो तो इसकी शिकायत कहां करें?
ऐसी स्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या संबंधित समाज कल्याण विभाग को सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की जा सकती है।
क्या "बालक छात्रावास" का नियमित निरीक्षण होता है?
हाँ, "बालक छात्रावास" का निरीक्षण समय-समय पर शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधियों या बाल कल्याण समितियों द्वारा किया जाता है, लेकिन कई बार निगरानी की कमी के कारण लापरवाही सामने आती है।
क्या "बालक छात्रावास" में कर्मचारियों का नशा करना दंडनीय अपराध है?
बिल्कुल, "बालक छात्रावास" में कार्यरत किसी भी कर्मचारी का नशे की हालत में रहना या ड्यूटी करना न सिर्फ अनुशासनहीनता है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ है और इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।