CG News: आवास के बाद नक्सलवाद के मुद्दे पर होगी बहस? डिप्टी सीएम शर्मा ने भूपेश बघेल को दिया एक और चैलेंज, कहा- झीरम मामले में और कैसा न्याय चाहिए बताएं

आवास के बाद नक्सलवाद के मुद्दे पर होगी बहस? डिप्टी सीएम शर्मा ने भूपेश बघेल को दिया एक और चैलेंज, Naxalism Issue is Debated After Housing in Chhattisgarh

CG News: आवास के बाद नक्सलवाद के मुद्दे पर होगी बहस? डिप्टी सीएम शर्मा ने भूपेश बघेल को दिया एक और चैलेंज, कहा- झीरम मामले में और कैसा न्याय चाहिए बताएं
Modified Date: September 19, 2026 / 06:22 pm IST
Published Date: September 19, 2026 6:22 pm IST

रायपुर। Naxalism Issue is Debated  छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रधानमंत्री आवास योजना के बाद अब नक्सलवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। हम नक्सलवाद पर पूरी तरह से चर्चा के लिए तैयार है। कांग्रेस इस मुद्दे पर केवल घड़ियाली आँसू बहाती है। कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट करना चाहिए कैसा न्याय चाहते हैं? उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि उनके जेब से सबूत पाँच साल नहीं निकल सका। अब भी समय है, सबूत NIA को देना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना को बीतें दिनों हुए डिबेट को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि मैं फिर से प्रधानमंत्री आवास योजना पर बहस के लिए तैयार हूं। भूपेश बघेल तैयारी के लिए एक माह का समय ले लें और उसके बाद चर्चा कर लें।

बघेल ने साय को किया था आमंत्रित

Naxalism Issue is Debated  बता दें कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने शुक्रवार को भिलाई टाउनशिप के कई गणेश पंडालों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। कांग्रेस सरकार के समय हसदेव अरण्य क्षेत्र के कई कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने की प्रक्रिया की गई थी। सीएम साय के 11 दिसंबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि, इसी पत्र के बाद तारा कोल ब्लॉक को दोबारा नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने की कार्रवाई आगे बढ़ी। बघेल ने कहा कि उनके पास भी इस मामले से जुड़े दस्तावेज हैं और मुख्यमंत्री के पास भी पत्र हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि मीडिया के सामने दोनों पक्ष दस्तावेज रखें और आमने-सामने चर्चा करें। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय इस मामले में खुली बहस होनी चाहिए।


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