Police and Naxalite Encounter/Image Credit: IBC24.in File Photo
Police and Naxalite Encounter: बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। सुबह से जारी मुठभेड़ में जवानों ने DVCM दिलीप बेड़जा (Dilip Bedja Encounter) को मार गिराया है। वहीं अभी भी सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी जारी है। इस मुठभेड़ में कई अन्य नक्सलियों के भी मारे जानें और फंसे होने की खबर है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर महाराष्ट्र बॉर्डर के बीच नेशनल पार्क इलाके में आज सुबह से नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में जवानों ने दो नक्सलियों को मार गिराया है। दोनों ही नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। दोनों शवों के साथ जवानों को AK-47 हथियार भी मिले हैं। मारे गए एक नक्सली की पहचान DVCM दिलीप बेड़जा (DVCM Dilip Bedja) के रूप में हुई है। वहीं दूसरे नक्सली की शिनाख्त अभी तक नहीं हुई है।
Police and Naxalite Encounter: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और कोबरा बटालियन के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है (Police and Naxalite Encounter)। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर रखा है और तलाशी अभियान जारी है। इस मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों के वरिष्ठ कमांडर पापाराव के मौके पर मौजूद होने की सूचना मिली है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
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— IBC24 News (@IBC24News) January 17, 2026
सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 20 से अधिक नक्सली कल आत्मसमर्पण कर दिया। माओवादियों ने कल शाम 4 बजे पुलिस ऑफिसर्स मेस के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डाले।
सूत्रों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अलग-अलग संगठनों से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे। इन पर कई गंभीर वारदातों में शामिल होने का आरोप भी रहा है। हालांकि, अब ये नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर चुके हैं।
बीते कुछ वर्षों में बीजापुर और आसपास के इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया है। लगातार सर्च ऑपरेशन, कैंपों की स्थापना और इलाके में सुरक्षा की मजबूत मौजूदगी के चलते नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है। इसके साथ ही राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने भी नक्सलियों को हिंसा छोड़ने के लिए प्रेरित किया है।
अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से तय नियमों के तहत पुनर्वास पैकेज, आर्थिक सहायता, आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
नक्सली संगठनों के मनोबल के लिए बड़ा झटका है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है और विकास की राह पर भरोसा बढ़ रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि नक्सली और सुरक्षाबलों की डेडलाइन से भी डर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण कार्यक्रम के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है।
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