Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ में फिर गहराया पेट्रोल-डीजल संकट? मिल रहा सिर्फ 500 रुपए का ईंधन, गुस्साए किसानों ने किया चक्का जाम

Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ में फिर गहराया पेट्रोल-डीजल संकट? मिल रहा सिर्फ 500 रुपए का ईंधन, गुस्साए किसानों ने किया चक्का जाम

Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ में फिर गहराया पेट्रोल-डीजल संकट? मिल रहा सिर्फ 500 रुपए का ईंधन, गुस्साए किसानों ने किया चक्का जाम

Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ में फिर गहराया पेट्रोल-डीजल संकट? मिल रहा सिर्फ 500 रुपए का ईंधन, गुस्साए किसानों ने किया चक्का जाम / Image: AI Generated

Modified Date: June 13, 2026 / 02:09 pm IST
Published Date: June 13, 2026 2:08 pm IST
HIGHLIGHTS
  • डीजल संकट को लेकर किसानों ने पेट्रोल पंप के सामने दिया धरना
  • कई पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो चुका है
  • कुछ पंपों पर केवल 500 रुपये तक का ही डीजल दिया जा रहा

कोंडागांव: Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? छत्तीसगढ़ के कई शहरों में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल का संकट देखने को मिल रहा है। ईंधन के संकट ने जहां बाइक और कार वालों की चिंता बढ़ा दी है तो दूसरी ओर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों खेतों में होने के बजाए किसान पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं, अब डीजल संकट को लेकर किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने पेट्रोल पंप के सामने किसान धरने पर बैठ गए हैं और उमरकोट (ओडिशा)-कोंडागांव मार्ग को जाम कर दिया है। किसानों की मांग है कि उनकी मांग के अनुसार ही पेट्रोल मिले।

डीजल संकट को लेकर सड़क पर किसान

Petrol Diesel Shortage in Chhattisgarh? दरअसल अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म होने के कारण वे बंद पड़े हैं, कुछ ही पेट्रोल पंप में ​डीजल मिल रहा है। किसानों की मानें तो यहां भी 500 रुपए का ही डीजल दिया जा रह है। जबकि खेती किसानी के दिनों में किसानों को जुताई के काम के लिए भारी मात्रा में डीजल की जरूरत है।

घंटों लाइन लगाकर खड़े हैं किसान

किसान कृपाराम राठौर ने बताया कि, वह करीब 25 किमी दूर से डीजल लेने पहुंचे हैं। दोपहर 2 बजे से लाइन में खड़े होने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक डीजल नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके पास ट्रैक्टर और डोजर है, जिनका उपयोग खेती-किसानी के कार्यों में होता है। डीजल की कमी के कारण कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

सीएम साय ने दिए थे ये निर्देश

इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों। किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

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