रायपुर, 21 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जो विदेशी छात्र विश्वविद्यालय या कॉलेज के छात्रावास से बाहर निजी मकानों, पेइंग गेस्ट (पीजी) या अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित किया जाए। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा, शैक्षणिक वातावरण और स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों को लेकर आज रायपुर कलेक्ट्रेट में रायपुर के जिलाधिकारी डॉक्टर गौरव कुमार सिंह और रायपुर (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जिले में संचालित विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों के कुलपतियों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में विदेशी विद्यार्थियों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास, संस्थानों की जिम्मेदारी तथा स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि बैठक में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेशी विद्यार्थी भारत में अध्ययन के लिए आते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया गया कि विदेशी विद्यार्थियों के आवास और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही वर्तमान में जो विदेशी विद्यार्थी विश्वविद्यालय, कॉलेज के छात्रावास से बाहर निजी मकानों, पीजी अथवा अन्य स्थानों पर रह रहे हैं, उन्हें अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए अथवा संस्थान से संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में कहा गया कि किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना अथवा कानून-विरोधी गतिविधि की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही उसके संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन और पुलिस को स्थानीय नागरिकों से समय-समय पर विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित शिकायतें एवं सूचनाएं प्राप्त होती रही हैं। कुछ मामलों में विद्यार्थियों द्वारा अनुशासनहीनता अथवा कानून-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका से संबंधित शिकायतें भी सामने आई हैं। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए संस्थानों को अपने स्तर पर प्रभावी निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भाषा संजीव शोभना
शोभना