Vishnu Ke Sushasan: छत्तीसगढ़ सरकार ने खेल प्रतिभाओं को दिया नया मंच, बस्तर के बाद अब होगा ‘सरगुजा ओलम्पिक’, CM साय के प्रयासों को मिली राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
Chhattisgarh Surguja Olympics: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में अब सरगुजा क्षेत्र में भी ‘सरगुजा ओलम्पिक’ का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी युवाओं को खेल के माध्यम से एक बड़ा मंच प्रदान करना और उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है।
Chhattisgarh Surguja Olympics || Image- IBC24 News File
- सरगुजा ओलंपिक 2026 का शुभारंभ
- 3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन
- लोगो और शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसान, महिला और नौजवानों के लिए अनेक तरह के सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। साय सरकार का पूरा फोकस नौजवानों के साथ युवाओं के स्वास्थ्य और उनके गतिविधियों पर हैं। (Chhattisgarh Surguja Olympics) प्रतिभा से सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं और स्कूली बच्चों के हुनर को निखारने, उन्हें प्रशिक्षित करने, संसाधन मुहैय्या करने और राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार सतत प्रयासरत है। सरकारों के प्रयासों का सबसे जीवंत उदाहरण विकास की दृष्टि से देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाने वाले, माओवाद प्रभावित बस्तर में आयोजित बस्तर ओलम्पिक है।
बस्तर ओलम्पिक क्या है?
बस्तर ओलम्पिक छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित एक विशेष खेल महोत्सव है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग के युवाओं, विशेष रूप से आदिवासी समुदाय की खेल प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने और नक्सल प्रभावित इलाकों में रचनात्मक माहौल तैयार करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही पारंपरिक खेलों को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी इसका महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
इस प्रतियोगिता में बस्तर संभाग के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवा भाग ले सकते हैं। विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ी, चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं, सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। (Chhattisgarh Surguja Olympics) यह आयोजन समावेशी स्वरूप में आयोजित किया जाता है ताकि अधिक से अधिक युवा इससे जुड़ सकें।
बस्तर ओलम्पिक में आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार के खेल शामिल होते हैं, जैसे एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, तीरंदाजी, खो-खो और कई स्थानीय खेल। प्रतियोगिताएं ग्राम स्तर से शुरू होकर ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर तक आयोजित की जाती हैं। विजेताओं को पुरस्कार के साथ-साथ आगे प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाते हैं, जिससे कई खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
अब सरगुजा क्षेत्र में भी ‘सरगुजा ओलम्पिक’ का आयोजन
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में अब सरगुजा क्षेत्र में भी ‘सरगुजा ओलम्पिक’ का आयोजन किया जा रहा है। (Chhattisgarh Surguja Olympics) इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी युवाओं को खेल के माध्यम से एक बड़ा मंच प्रदान करना और उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है।
सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के खिलाड़ी इसमें भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिताएं ग्राम स्तर से शुरू होकर ब्लॉक और जिला स्तर तक आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। महिला और पुरुष दोनों वर्गों के प्रतिभागियों को समान अवसर दिए जाएंगे।
इस आयोजन में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, खो-खो और अन्य पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाएगा। विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार और आगे प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए तैयार हो सकें।

मुख्यमंत्री साय ने किया लोगो और शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण
अब सरगुजा अंचल भी खेल महाकुंभ के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में सरगुजा ओलंपिक 2026 के लोगो और शुभंकर “गजरु” का विधिवत अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक, यहां की खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त मंच बनेगा। उन्होंने बताया कि 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों का पंजीयन इस बात का प्रमाण है कि सरगुजा पूरे मनोयोग, ऊर्जा और उत्साह के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक को जिस तरह जनभागीदारी ने राष्ट्रीय पहचान दिलाई, उसी तरह सरगुजा ओलंपिक भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। (Chhattisgarh Surguja Olympics) उन्होंने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल प्रशिक्षण अकादमियों में सीधा प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें यूथ आइकॉन के रूप में युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनाया जाएगा।
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