Raipur Kharora Conversion Dispute : ‘रात के अंधेरे में आदिवासी मोहल्ले में घुसे और फिर…’, पास्टरों ने आखिर ऐसा क्या किया कि मच गया बवाल? एक्शन होते ही आमने-सामने आ गए दो पक्ष

रायपुर के खरोरा क्षेत्र में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस ने एक पास्टर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया, जबकि गिरफ्तारी के विरोध में क्रिश्चियन समाज ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

Raipur Kharora Conversion Dispute : ‘रात के अंधेरे में आदिवासी मोहल्ले में घुसे और फिर…’, पास्टरों ने आखिर ऐसा क्या किया कि मच गया बवाल? एक्शन होते ही आमने-सामने आ गए दो पक्ष

Raipur Kharora Conversion Dispute / Image Source ; IBC24


Reported By: Suman Pandey,
Modified Date: June 25, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: June 25, 2026 7:51 pm IST
HIGHLIGHTS
  • रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम मांठ में धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया।
  • एक पास्टर और उसके सहयोगी को धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • ग्रामीणों ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी और दबाव बनाने का आरोप लगाया।

रायपुर: Raipur Kharora Conversion Dispute :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र से धर्मांतरण को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम मांठ में लोगों को झांसे में लेकर कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने एक पास्टर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। इस मामले को लेकर देर रात ग्रामीणों और आरोपियों के बीच भारी विवाद हुआ था, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने खरोरा थाने का घेराव कर शिकायत दर्ज कराई थी।

हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी और दबाव का आरोप

 

मिली जानकारी के अनुसार, पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। Chhattisgarh Pastor Arrested ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी क्षेत्र के आदिवासी मोहल्ले में बार-बार पहुंचकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कथित रूप से प्रचार कर रहे थे। इसके साथ ही उन पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और ग्रामीणों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने इन गंभीर धाराओं में दर्ज किया केस

 

ग्रामीणों के भारी विरोध और शिकायत के बाद खरोरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के विरोध में क्रिश्चियन समाज उतरा सड़क पर

 

इस कार्रवाई के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। पास्टर और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी के विरोध में भारी संख्या में क्रिश्चियन समाज के लोग इकट्ठा होकर विधानसभा थाना पहुंच गए। क्रिश्चियन समाज के लोगों का आरोप है कि पास्टर को गलत और झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, जिसके विरोध में वे थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों के आक्रोश और दूसरी तरफ क्रिश्चियन समाज के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन दोनों पक्षों को समझाने और मामले की निष्पक्ष जांच करने की बात कह रहे हैं।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..