Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस में छत्तीसगढ़ की झांकी दिखाएगी अद्भुत जनजातीय जीवन, पहली बार प्रदर्शनी में डाले गए हैं ये खास इफेक्ट्स, रिहर्सल से आई तस्वीरें देखकर आप भी कहेंगे, वाह..!
Republic Day 2026:
REPUBLIC DAY 2026/image source: IBC24
- झांकी ने जीवंत आदिवासी जीवन दिखाया
- डिजिटल संग्रहालय थीम पर आधारित प्रस्तुति
- पारंपरिक कला और लोकनृत्य शामिल
रायपुर: 23 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने सभी का ध्यान अपनी विशिष्ट प्रस्तुति से आकर्षित किया। 26 जनवरी 2026 को होने वाले गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के लिए छत्तीसगढ़ भी जोरों शोरों से भाग ले रहा है। छत्तीसगढ़ की इस वर्ष की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है, जिसमें राज्य की आदिवासी संस्कृति और आधुनिक तकनीक के प्रभावी समन्वय को प्रदर्शित किया जाएगा।

REPUBLIC DAY 2026/image source: IBC24
झांकी में छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। फुल ड्रेस रिहर्सल में कलाकारों ने आदिवासी परंपराओं और लोकनृत्यों को नाटकीय ढंग से प्रस्तुत किया।
Republic Day 2026 Jhanki Date and Time: झांकी की थीम और डिज़ाइन
इस वर्ष झांकी की थीम जनजातीय डिजिटल संग्रहालय पर आधारित है। गणतंत्र दिवस में प्रस्तुत होने वाली झांकी में आधुनिक डिजिटल तकनीक और पारंपरिक आदिवासी कला का संयोजन दर्शकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। झांकी में आधुनिक लाइटिंग, प्रोजेक्शन और डिजिटल इफेक्ट्स का इस्तेमाल कर आदिवासी जीवन और संस्कृति को प्रभावशाली रूप से पेश किया जाएगा। यह प्रस्तुति पारंपरिक कला को नई तकनीक के साथ जोड़कर एक सृजनात्मक और इनोवेटिव अनुभव प्रदान करेगा।

Republic Day 2026 Jhanki: कलाकारों और प्रस्तुति की खास बातें
झांकी में कलाकार जनजातीय वेशभूषा और ऐतिहासिक प्रतीकों के साथ प्रस्तुति करेंगे। कलाकार आदिवासी नृत्य और संगीत के माध्यम से दर्शकों को जनजातीय जीवन की रंगीनता और विविधता से परिचित कराएंगे। रिहर्सल के दौरान झांकी में विभिन्न लोक कलाओं और हस्तशिल्पों को भी प्रदर्शित किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को बड़े स्तर पर उजागर किया जाएगा।
Republic Day 2026: राज्य की सांस्कृतिक पहचान
छत्तीसगढ़ की झांकी का यह प्रयास राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय मंच पर पेश करने का प्रतीक है। झांकी ने न केवल जनजातीय संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि किस प्रकार परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को और प्रभावशाली बना सकता है।
बताते चलें कि, फुल ड्रेस रिहर्सल में हिस्सा लेने वाले कलाकारों और आयोजकों ने अपनी तैयारी और समर्पण का प्रदर्शन किया। झांकी में सजीव प्रस्तुति, आकर्षक वेशभूषा और डिजिटल इफेक्ट्स ने दर्शकों और अधिकारियों को प्रभावित किया। रिहर्सल के दौरान झांकी का हर पहलू सावधानीपूर्वक परीक्षण किया गया, ताकि गणतंत्र दिवस पर इसकी प्रस्तुति पूरी तरह परिपूर्ण हो।


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