Sarrendered Naxalites Chhattisgarh News: इतिहास में पहली बार सरेंडर नक्सलियों ने रखा किसी विधानसभा में कदम.. गृहमंत्री बोले, ‘गनतंत्र की राह वाले आज लोकतंत्र के मंदिर में’..
Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पहली बार विधानसभा कार्यवाही देखी, गृहमंत्री ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।
Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha || Image- Kiran Singhdeo Twitter Files
- सरेंडर नक्सली पहुंचे विधानसभा भवन
- गृहमंत्री बोले लोकतंत्र की जीत
- पुनर्वास योजना से बदल रही जिंदगी
रायपुर: जंगलों में हथियार लेकर घूमने वाले माओवादियों के बारे में हमें ज्यादा कुछ मालूम नहीं। उनका रहन-सहन, उनकी आम दिनचर्या और उनकी मानसिकता को लेकर सिर्फ कयास लगाए जाते रहे हैं। हालांकि हमें इतना पक्के तौर पर मालूम है कि, वे लोकतंत्र और जनतंत्र के विरोधी रहे हैं। वे हथियार और बंदूक के बल पर समानांतर सरकार स्थापित करने की कोशिश करते हैं। वे पुलिस को चुनौती देते हैं, उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं और हर वक्त गृहयुद्ध छेड़ने की कोशिश में रहते हैं। वे आम नागरिकों की हत्याएं करते हैं। लूट-खसोट और वसूली उनके आय का साधन होता है। (Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha) अपने इन कृत्यों को छिपाने और खुद के रास्ते को सही साबित करने के लिए जल, जंगल और जमीन के रक्षक होने का दावा करते हैं।
लेकिन क्या आपको यह मालूम है कि, जिन नक्सलियों ने हथियार छोड़ दिए, उनके साथ सरकार का क्या व्यवहार रहता है? पुनर्वास के तहत उन्हें क्या सुविधाएं मिलती हैं? वर्षों तक जंगलों में रहने वाले नक्सली जब आत्मसमर्पण करते हैं तो वे नए माहौल में खुद को कैसे ढाल पाते हैं? शायद आपको नहीं मालूम होगा। तो आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में सरेंडर कर चुके नक्सली फिलहाल किस स्थिति में हैं और कहां हैं।
विधानसभा भवन पहुंचे आत्मसमर्पित नक्सली
दरअसल, छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली इन दिनों लोकतंत्र की प्रक्रिया से रूबरू हो रहे हैं। वे बाजारों की रौनक देख रहे हैं तो कभी गृहमंत्री के शासकीय आवास पर रात्रिभोज में शामिल हो रहे हैं। इसी क्रम में पूर्व नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में कदम रखा और सदन की पूरी कार्यवाही देखी। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर संभव हो सकी। यह पहला अवसर बताया जा रहा है जब आत्मसमर्पित नक्सलियों ने किसी राज्य विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष देखा और लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को समझा। कभी ‘गनतंत्र’ की राह पर चलने वाले इन पूर्व नक्सलियों ने लोकतंत्र को करीब से जाना और समझा। इस कार्यक्रम से जुड़े फोटो और वीडियो गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।
आज छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक क्षण देखा।
जो कभी गनतंत्र को ही अपनी राह मानते थे, आज वही संविधान की सर्वोच्चता को स्वीकार करते हुए लोकतंत्र के मंदिर “विधानसभा” की कार्यवाही देखने पहुँचे।
यह केवल विधानसभा भ्रमण नहीं था, बल्कि विचारों का परिवर्तन था। यह संदेश था कि बंदूक की जगह संवाद… pic.twitter.com/3AxqbkSLET
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) February 27, 2026
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत देश के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से माओवादी हिंसा समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जा रहा है। (Sarrendered Naxalites Chhattisgarh Vidhan Sabha) सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास योजनाओं के प्रभाव से बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं कई मुठभेड़ों में वांछित नक्सली मारे गए हैं और अनेक गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
सरकार और पुलिस लगातार नक्सलियों से जंगल छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही हैं। राज्य सरकारों ने पुनर्वास के लिए योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ लेकर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब समाज के साथ मिलकर सामान्य और बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
▶️रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आत्मसमर्पित नक्सलियों ने की मुलाक़ात
▶️130 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा की कार्यवाही देखी
▶️डिप्टी CM विजय शर्मा,मंत्री केदार कश्यप, OP चौधरी रहे मौजूद#ChhattisgarhNews | #RaipurNews | #SurrenderNaxalites | #VishnuDeoSai |… pic.twitter.com/JyIJspRukg
— IBC24 News (@IBC24News) February 27, 2026

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