Chhattisgarh News/Image Credit: IBC24.in
Chhattisgarh News: रायपुर: धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह नहीं रोक सकती। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आज आत्मनिर्भरता (Chhattisgarh News) की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
Chhattisgarh News: कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा था। रोजगार के अभाव में उनके लिए रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से सहायता की मांग की।
सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके मजबूत इरादों को देखते हुए प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया। उनके मार्गदर्शन में सायरा बानो को बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। (Chhattisgarh News) साथ ही उन्हें स्व-रोजगार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।
Chhattisgarh News: आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं से जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के (Chhattisgarh News) हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने का साहस और संकल्प हो।
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