छत्तीसगढ़ में सात नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ में सात नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
रायपुर, 31 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के दो जिलों में चार महिलाओं सहित सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले में माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) से जुड़े पांच नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइंस में पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सलियों के सर पर कुल नौ लाख रूपए का इनाम है।
उन्होंने बताया कि इन नक्सलियों ने पुलिस की ‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के तहत अपने हथियार डाल दिए।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सदस्य पांच लाख रूपए के इनामी सोमे कडती (42) तथा एक—एक लाख रूपए के इनामी चार पार्टी सदस्य लखमा ओयाम (19), सरिता पोड्याम (21), जोगी कलमू (20) और मोती ओयाम (19) के रूप में हुई है।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने क्षेत्र में माओवादियों के ठिकानों से 40 हथियार बरामद किए। इनमें आठ एसएलआर राइफलें, तीन इंसास राइफलें, एक कार्बाइन, एक .303 राइफल और पांच बीजीएल लांचर शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि इससे अब कमजोर पड़ चुके इस संगठन की सैन्य क्षमताओं को एक बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही कांकेर जिले में दो नक्सलियों शंकर (प्लाटून पार्टी समिति सदस्य) और हिडमा डोडी (प्लाटून सदस्य) ने भी सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सलियों ने पुलिस को एक एके-47 राइफल सौंपा है।
सुंदरराज ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क करने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास की समय सीमा समाप्त होने में अब कुछ ही घंटे शेष हैं, ऐसे में नक्सलियों से आग्रह किया जाता है कि वे इस अवसर का बुद्धिमानी से उपयोग करें। वह अपने हिंसक अतीत को पीछे छोड़ें और शांतिपूर्ण तथा सम्मानजनक जीवन अपनाएं।
भाषा सं संजीव मनीषा रंजन
रंजन

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