UCC Bill Chhattisgarh: ‘सरकार असली मुद्दों से भटका रही है’, CM साय के UCC ऐलान पर कांग्रेस का पलटवार, PCC चीफ दीपक बैज ने कहा- ‘छत्तीसगढ़ में इसकी क्या जरूरत’

UCC Bill Chhattisgarh: 'सरकार असली मुद्दों से भटका रही है', CM साय के UCC ऐलान पर कांग्रेस का पलटवार, PCC चीफ दीपक बैज ने कहा- 'छत्तीसगढ़ में इसकी क्या जरूरत'

UCC Bill Chhattisgarh: ‘सरकार असली मुद्दों से भटका रही है’, CM साय के UCC ऐलान पर कांग्रेस का पलटवार, PCC चीफ दीपक बैज ने कहा- ‘छत्तीसगढ़ में इसकी क्या जरूरत’

UCC Bill Chhattisgarh | Photo Credit: AI

Modified Date: July 24, 2026 / 11:47 am IST
Published Date: July 24, 2026 11:46 am IST
HIGHLIGHTS
  • शीतकालीन सत्र में UCC लागू होगा
  • CM विष्णुदेव साय का ऐलान
  • दीपक बैज ने कहा, UCC की जरूरत नहीं

रायपुर: UCC Bill Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ी घोषणा की है। सीएम साय ने कहा कि आने वाले शीतकालीन सत्र में यूसीसी लागू होगा। सीएम साय के इस घोषणा के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पीसीसी चीफ दीपक बैज का बड़ा बयान सामने आया है। बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल UCC की कोई जरूरत नहीं है।

UCC Bill Chhattisgarh उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर ​लीक जैसे मुद्दे हैं लेकिन सरकार इन पर ध्यान देने के बजाए दूसरे विषयों पर ध्यान दे रही है। सरकार जनता का काम नहीं कर रही है। सरकार UCC लाकर आदिवासियों की जल जंगल जमीन चहेते उद्योगपतियों को देने के लिए रास्ता खोल रहे हैं। यह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार जनकल्याण और अपराध रोकने का काम करें।

UCC को लेकर गठित समिति की पहली बैठक आज

आपको बता दें कि प्रदेश में यूसीसी को लेकर आज गठित समिति की पहली बैठक होगी। यूसीसी को लेकर खाका तैयार किया जा रहा है। आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी कानून छत्तीसगढ़ में लागू होगा।

सरकार इसे क्यों लागू करने जा रही है?

दरअसल, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड? (Chhattisgarh UCC Update)

विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में सभी के लिए एक नियम।
परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों में समानता।
जाति, धर्म या परंपरा के आधार पर नियमों में कोई रियायत नहीं।
किसी भी धर्म विशेष के लिए अलग से कोई नियम नहीं।

UCC हो लागू तो क्या होगा? (UCC implementation in Chhattisgarh)

UCC के तहत शादी, तलाक, संपत्ति, गोद लेने जैसे मामले।
हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून।
जो कानून हिंदुओं के लिए, वहीं दूसरों के लिए भी।
बिना तलाक के एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे।
शरीयत के मुताबिक जायदाद का बंटवारा नहीं होगा।

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लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।