वीबी-जी राम-जी कानून गांवों को बदलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा: मुख्यमत्री विष्णुदेव साय

वीबी-जी राम-जी कानून गांवों को बदलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा: मुख्यमत्री विष्णुदेव साय

वीबी-जी राम-जी कानून गांवों को बदलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा: मुख्यमत्री विष्णुदेव साय
Modified Date: January 5, 2026 / 09:47 pm IST
Published Date: January 5, 2026 9:47 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

रायपुर, पांच जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कहा कि मनरेगा की जगह लेने वाला विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी रामजी) अधिनियम गांवों की सूरत और किस्मत बदल देगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

साय ने आज यहां प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि यह कानून मनरेगा योजना का एक अधिक उन्नत, प्रभावी और पारदर्शी रूप है तथा यह किसानों, मजदूरों और गरीबों को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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उन्होंने कहा कि 2014 में पद संभालने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार को गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया था, जिसके परिणामस्वरूप सभी के लिए बिजली कनेक्शन, शौचालय, आवास और जन धन खातों जैसी प्रमुख योजनाओं को लागू किया गया।

मुख्यमत्री कहा कि जहां मनरेगा 100 दिनों का रोजगार प्रदान करता था, वहीं नया कानून ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी देता है, जिससे श्रमिकों की आय में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी।

साय ने कहा कि अब मजदूरी सात दिनों के भीतर दी जाएगी और किसी भी देरी के मामले में, श्रमिकों को मजदूरी पर ब्याज की तरह अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा, जिससे न्याय सुनिश्चित होगा और देरी से भुगतान की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा।

उन्होंने कहा कि इस कानून में कृषि गतिविधियों की रक्षा के लिए भी प्रावधान शामिल है, जिससे बुवाई और कटाई के मौसम के दौरान 60 दिनों तक काम रोका जा सकता है ताकि खेती के लिए पर्याप्त श्रम उपलब्ध हो सके।

साय ने कहा कि इससे ग्रामीण पलायन को रोकने और कृषि उत्पादन को स्थिर करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा – जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आपदा सुरक्षा और आजीविका में वृद्धि।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, नदियों और नालों के कायाकल्प, मिट्टी के कटाव की रोकथाम और सिंचाई संरचनाओं के विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार


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