JNU Protest News: ‘Modi-Shah की कब्र खुदेगी.. JNU की धरती पर’, JNU में नारेबाजी पर BJP-Congress आमने-सामने, अभिव्यक्ति या अराजकता? देखिए वीडियो
JNU Protest News: 'Modi-Shah की कब्र खुदेगी.. JNU की धरती पर', JNU में नारेबाजी पर BJP-Congress आमने-सामने, अभिव्यक्ति या अराजकता? देखिए वीडियो
JNU Protest News/Image Source: ANI
- JNU छात्र विवादित नारे लगाते हुए पकड़े गए
- JNU प्रशासन हरकत में
- पुलिस ने जांच शुरू की
JNU Protest News: यूनिवर्सिटी कैंपस देश का है, छात्र देश के हैं, और तो और संस्थान–छात्रों को मिलने वाला सारा अनुदान भी देशवासियों के कर से आता है। लेकिन उसी कैंपस में फिर नारे गूंज रहे हैं, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में मोदी–शाह को लेकर लगे नारों ने एक बार फिर देश में चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किया। इसके बाद JNU की धरती पर ‘मोदी–शाह की कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ये आपत्तिजनक नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया।
JNU में फिर मोदी-शाह के खिलाफ नारे (JNU anti Modi slogans)
वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन हरकत में आ गया। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर साबरमती हॉस्टल के बाहर हुई नारेबाजी के मामले में FIR दर्ज करने का अनुरोध किया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की नारेबाजी न केवल लोकतांत्रिक असहमति के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि JNU की आचार संहिता का भी उल्लंघन है। पत्र में यह भी कहा गया कि नारे जानबूझकर, स्पष्ट रूप से और बार-बार लगाए गए, जिससे कैंपस की शांति, सद्भाव और सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ी।
JNU Protest News: मामले पर भाजपा ने कड़ी कार्रवाई की मांग की, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाने के बजाय असली मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही। JNU में हुई नारेबाजी की आंच मध्यप्रदेश तक भी देखने को मिली। दिग्विजय सिंह ने उमर खालिद और शरजील इमाम के पक्ष में पोस्ट किया, जिस पर भाजपा ने निशाना साधा।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो की सत्यता की जांच के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सवाल यह है कि क्या विश्वविद्यालय परिसरों में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी भाषा को स्वीकार किया जा सकता है, या फिर कानून अपना सख्त रुख दिखाएगा।
यह भी पढ़ें
- India Vs Bangladesh..विवाद का नया चैप्टर, बांग्लादेश में IPL प्रसारण पर बैन.. क्रिकेटर पर आर-पार! आईपीएल के साथ T20 वर्ल्डकप में पर भी तनातनी, देखें वीडियो
- पत्नी को लेने ससुराल गया था पति… फिर जो हुआ जानकर कांप उठे लोग, खौफनाक कदम से पहले वीडियो में खुद बताया सच

Facebook


