छत्तीसगढ़ में जंगली भैंसे के संरक्षण के लिए हो रहा काम; बाघों की संख्या बढ़कर 35 हुई: मंत्री
छत्तीसगढ़ में जंगली भैंसे के संरक्षण के लिए हो रहा काम; बाघों की संख्या बढ़कर 35 हुई: मंत्री
रायपुर, 12 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य पशु जंगली भैंसा के संरक्षण के लिए एक विशेष योजना तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के बीजापुर जिले में इंद्रावती बाघ अभयारण्य में 14 से 17 जंगली भैंसे देखे गए हैं।
नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद सभागार में अपने विभाग की दो साल की उपलब्धियों पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कश्यप ने कहा कि राज्य में बाघों की संख्या 2022 में 17 थी, जो बढ़कर 35 हो गयी है।
राज्य ने वन संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार, वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकास और वनवासियों की आजीविका वृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मंत्री ने कहा कि राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप 600 से 700 राज्य पक्षी देखे गए हैं।
राज्य में बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 2022 में 35 हो गयी है।
मंत्री ने कहा कि बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए उन्हें अन्य अभयारण्यों से स्थानांतरित करने की भी अनुमति मिल गई है।
उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए राज्य में एक नया बाघ अभयारण्य गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य बनाया गया है।
गिधवा-परसदा में, जहां पक्षियों की 270 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, एक ‘बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर’ और ‘बर्ड सफारी’ शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96वां रामसर स्थल घोषित किया गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
‘रामसर कन्वेंशन’ आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसके तहत विशेष संरक्षण के लिए रामसर स्थल घोषित किया जाता है।
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने और ग्रामीणों को समय पर अलर्ट करने के लिए ‘गज संकेत’ मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 ‘हाथी मित्र’ टीम गठित की गई हैं और राज्य में वर्तमान में 355 हाथी हैं।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत

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