भाजपा विधायक ने कांग्रेस MLA आरिफ मसूद को बताया सिमी समर्थक, जवाब मिला साबित करके दिखाएं
भाजपा विधायक ने कांग्रेस MLA आरिफ मसूद को बताया सिमी समर्थक, जवाब मिला साबित करके दिखाएं
भोपाल: भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ बड़ा बयान दिया है। विधायक शर्मा ने विधायक आरिफ को गुंडा बताते हुए सिमी समर्थक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस विधायक आरिफ 6 दिसंबर को मिठाई लेकर कांग्रेस कार्यालय जाएंगे।
वहीं, भाजपा विधायक के बयान पर विधायक आरिफ मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर मैं सिमी समर्थक हूं तो साबित करके बताएं। कहने से क्या होगा। हमारा विरोध गांधीवादी तरीके से हो रहा है। भाजपा विधायके बयान से भड़के आरिफ मसूद के समर्थक बीआरटीएस कॉरिडोर में घुस आए हैं।
जानिए क्या है सिमी
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25 अप्रैल 1977 को मोहम्मद सीद्दीकी ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में सिमी का गठन किया।
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सिमी मूल रूप से जमात-ए-इस्लामी ए हिंद के छात्र संगठन था, लेकिन 1981 में पीएलओ नेता यासिर अराफात की भारत यात्रा के खिलाफ विरोध किया और उन्हें नई दिल्ली में काले झंडे दिखाए, जिसके बाद जमात-ए-इस्लामी-ए-हिंद ने सिमी से खुद को किनारे कर लिया।
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शरीया कनून और कुरान के आधार पर समाज को चलाना, इस्लाम को बढ़ावा देना व इसके प्रचार-प्रसार के लिये जेहाद करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
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यह संगठन प्रजातंत्र, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रभावना में विश्वास नहीं करता है इसका मानना है कि लोगों के बनाए नियमों को खत्म कर उम्माह के लिये काम करना चाहिए।
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सिमी राष्ट्र में विश्वास नहीं करता, साथ ही भारतीय संविधान में भी इसका विश्वास नहीं है। मूर्ति पूजा को सिमी हराम मानता है और मूर्ति पूजा करने वालों पर प्रतिबंध की मांग करता है।
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9/11 आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सिमी को आतंकवादी संगठन करार देते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया।
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सिमी का आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से भी संबंध है। कुछ लोगों का मानना है कि इंडियन मुजाहिदीन का ही सहयोगी संगठन है, जबकि कई लोगों का मानना है कि दोनों अलग हैं।
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2008 में इस पर से प्रतिबंध हटा लिया गया था, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने दोबारा प्रतिबंध लगा दिया।
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दिल्ली और भारत के दूसरे शहरों में हुए आतंकी घटनाओं के मद्देनज़र 2010 में गृह मंत्रालय ने सिमी पर दो साल के लिये प्रतिबंध लगा दिया था। इन हमलों में इसके सहयोगी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था।
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सिमी को विदेश से भी फंडिंग मिलती है, असेंबली ऑफ मुस्लिम यूथ से इसे आर्थिक मदद मिलती है। इसके अलावा इसके कुवैत के इंटरनेशनल इस्लामिक फेडरेशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन से संबंध हैं।
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शिकागो स्थित कंसल्टेटिव कमेटी ऑफ इंडियन मुस्लिम्स का भी इसे आर्थिक और नैतिक समर्थन मिलता है।
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पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के जमात-ए-इस्लाम की इकाईयों से भी संबंध हैं। इसके बांग्लादेश के जमात ए इस्लामी समर्थित इस्लामी छात्र शिबिर के साथ भी गहरे संबंध हैं इसके अलावा हिजबुल मुजाहिदीन औरर आईएसआई के साथ भी संबंध होने की खबरें हैं।
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सिमी विभिनन्न भाषाओं में कई पत्र और पत्रिकाएं भी प्रकाशित करता है, मलयालम में विवेकम, तमिल में सेढी मडाल, बांग्ला में रुपांतर, गुजराती में इकरा, हिन्दी में तहरीक उर्दू में अल हरका और शाहीन टाइम्स जैसी पत्रिकाए प्रकाशित करता है।
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