मोतीलाल वोरा के निधन पर सीएम भूपेश बघेल ने जताया शोक, कहा- जिन लोगों से राजनीति का ककहरा सीखा उनमें से एक थे ‘बाबूजी’

मोतीलाल वोरा के निधन पर सीएम भूपेश बघेल ने जताया शोक, कहा- जिन लोगों से राजनीति का ककहरा सीखा उनमें से एक थे 'बाबूजी'

मोतीलाल वोरा के निधन पर सीएम भूपेश बघेल ने जताया शोक, कहा- जिन लोगों से राजनीति का ककहरा सीखा उनमें से एक थे ‘बाबूजी’
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: December 21, 2020 10:25 am IST

रायपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का सोमवार को निधन हो गया। बताया गया कि दो दिन पहले ही उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते भर्ती कराया गया था। जहां आज उनका निधन हो गया। मोतीलाल के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। उनके निधन पर सीएम भूपेश बघेल ने श्रद्धांजलि दी है।

Read More: पूर्व सीएम रमन सिंह ने कहा, सरकार की नीतियों की वजह से किसान कर रहे आत्महत्या, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजा मुख्य मुद्दा

सीएम भूपेश बघेल ने लिखा है कि बाबूजी मोतीलाल वोरा जी का जाना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे कांग्रेस परिवार के लिए एक अभिभावक के चले जाने जैसा है। ज़मीनी स्तर से राजनीति शुरु करके राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई और आजीवन एक समर्पित कांग्रेसी बने रहे। उनकी जगह कभी नहीं भरी जा सकेगी।

Read More: मंत्री टीएस सिंहदेव बोले- किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उठानी होगी आवाज, मैं 23 दिसंबर को बैठ रहा हूं उपवास पर

मैंने अपनी राजनीति का ककहरा जिन लोगों से सीखा उनमें बाबूजी एक थे। अविभाजित मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक वे हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए एक पथ प्रदर्शक थे। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति:

Read More: इस एक्टर के घर आई बिटिया, दूसरी बार पिता बनने पर कहा- मैं ‘चर्ली और मेरी 3 ऐंज‍िल’

बघेल ने कहा कि कल ही बाबूजी वोरा का 93 वां जन्मदिन मनाया गया, किसी ने कल्पना नहीं की थी कि आज ऐसी दुखद खबर सुनने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वोरा ने तत्कालीन छत्तीसगढ़ अंचल के चहुंमुखी विकास के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने पत्रकारिता से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 1968 में वे दुर्ग नगर निगम में पार्षद निर्वाचित हुए। वर्ष 1972 में वे पहली बार कांग्रेस से विधायक बने। इसके बाद 1977 और 1980 में भी विधायक निर्वाचित हुए। मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया। वे दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उत्तरप्रदेश के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

Read More: विधानसभा में गूंजा किसानों की आत्महत्या का मुद्दा, विपक्ष ने की मुआवजा की मांग, सत्ता पक्ष ने लगाया घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"