सिर पर सिक्कों की गठरी लेकर पहुंचा प्रत्याशी, वर्षों से जोड़ रहा था नामांकन के लिए राशि

सिर पर सिक्कों की गठरी लेकर पहुंचा प्रत्याशी, वर्षों से जोड़ रहा था नामांकन के लिए राशि

सिर पर सिक्कों की गठरी लेकर पहुंचा प्रत्याशी, वर्षों से जोड़ रहा था नामांकन के लिए राशि
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: April 17, 2019 9:33 am IST

ग्वालियर। लोकसभा चुनाव के नामांकन के दौरान प्रत्याशियों के कई रंग देखने को मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर लोकसभा सीट से नामांकन फॉर्म लेने आए एक प्रत्याशी ने भी कुछ अनोखा करके सबको चौंका दिया। नॉमिनेशन के दिन निर्वाचन कार्यालय में उस समय सभी अचंभित रह गए, जब एक प्रत्याशी अपनी सिर पर दो बोरी लेकर पहुंचा। प्रत्याशी नामांकन की राशि सिक्कों के रुप में लाया था। जिसे गिनने के लिए कलेक्टर को 6 कर्मियों को लगाना पड़ा।

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केशव राय चौधरी, ग्वालियर से एक अच्छी छवि के ईमानदार नेता को सांसद के रूप में देना चाहते है। इसलिए वे लंबे समय से लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रहे थे। केशव चुनाव लड़न के लिए नॉमिनेशन फीस की राशि भी एकत्रित कर रहे थे। केशव ने इसके लिए अलग से बचत नहीं कि बल्कि हर दिन के बचाए 2,5 और 10 के सिक्कों से उन्होंने ये राशि जोड़ी है। जैसे ही लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ केशव ने ठान लिया कि वह चुनाव भी लड़ेगा और इन्ही जोड़े हुए पैसों से लड़ेगा। केशव यही प्रण लेकर चल रहे थे और आखिरकार नामांकन फॉर्म खरीदने के लिए वो खुद सिर पर 10 रुपए के सिक्के से भरी करीब 20 किलो और 2 रुपए के सिक्कों से भरी 12 किलो वजन की दो बोरियां रखकर कलोक्टोरेट पहुंचे।

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सिर पर सिक्कों से भरी बोरी को देखकर ग्वालियर कलेक्ट्रट में केशव राय चौधरी को सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया। लेकिन बाद में जब उन्होंने बताया कि वे निर्दलीय उम्मीदवारी के लिए फॉर्म लेने के लिए आए हैं, तो जवान भी चौंक गए। बता दें कि केशव चौधरी 1990 में कोऑपरेटिव बैंक मुरैना में पदस्थ थे, बाद में नौकरी छोड़ दी और बेटों के साथ मिलकर बिजली फिटिंग का काम शुरू कर दिया। चौधरी के मुताबिक बाजार में व्यापारी सिक्के लेने में आनाकानी करते हैं। दुकानदार सिक्के नहीं लेते, कमोवेश बैंक में भी यही स्थिति है। केशव ने इसका तोड़ निकाला और चुनाव नामांकन के लिए सिक्कों का इस्तेमाल किया। केशव के दिए सिक्कों को गिनने के लिए कलेक्टोरेट में 6 कर्मियों को लगाना पड़ा। वहीं केशव ग्वालियर से सांसद का चुनाव जीत कर जनता की सेवा करने की इच्छा जता रहे हैं।

 

 


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