’दबा बल्लू’ नहीं बोला युवक तो हो गई धुनाई, मड़ई मेला के दौरान पांच लोगों ने बेरहमी से पीटा

’दबा बल्लू’ नहीं बोला युवक तो हो गई धुनाई, मड़ई मेला के दौरान पांच लोगों ने बेरहमी से पीटा

’दबा बल्लू’ नहीं बोला युवक तो हो गई धुनाई, मड़ई मेला के दौरान पांच लोगों ने बेरहमी से पीटा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:07 pm IST
Published Date: February 4, 2021 10:53 am IST

राजिमः ’दबा बल्लू’ ये शब्द जितना पढ़ने सुनने में छोटा लग रहा है, उतना ही छत्तीसगढ़ के कई गांवों में मुसीबत बना हुआ है। अब आप ये सोच रहे होंगे कि ’दबा बल्लू’ कहना कैसे मुसीबत बन सकता है। तो चलिए हम आपको बताते हैं ये शब्द लोगों के लिए कैसी-कैसी मुसीबतें खड़ी कर रहा है। दरअसल बीते दिनों रायपुर जिले के एक गांव के सरपंच और सचिव ने फरमान जारी करते हुए कहा था कि ’दबा बल्लू’ कहने पर 5551 रुपए जुर्माना देना होगा। वहीं, दूसरी ओर कल आरंग के बनरसी में मड़ई मेला के दौरान ’दबा बल्लू’ नहीं कहने पर एक युवक की जमकर धुनाई हो गई।

Read More: विकास उपाध्याय ने केसी वेणुगोपाल को दूरभाष पर दी जन्मदिन की बधाई, कहा- आपके मार्गदर्शन से कांग्रेस को मिली मजबूती

मिली जानकारी के अनुसार रायपुर से लगे आरंग के बनरसी में मड़ई मेला के दौरान पांच लोगों ने मिलकर एक युवक को जमकर पीटा। पुलिस के मुताबिक आरोपी युवक मड़ई आए युवक से दबा बल्लू बोलने के लिए कह रहे थे और उसके इनकार करने पर आरोपियों ने उसे जमकर पीटा। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

Read More: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- कांग्रेसी चाहते हैं राहुल गांधी अध्यक्ष बने, दिल्ली दौरे पर हुए रवाना

इससे पहले धरसींवा के कांदुल गांव में दबा बल्लू कहने वालों के लिए फरमान जारी किया गया था। गांव के सरपंच और पंचायत सचिव ने मिलकर आदेश जारी किया कि मड़ई मेला में किसी तरह की मारपीट, लड़ाई या दबा बल्लू जैसे संवाद बोलने पर 5,551 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।

Read More: मॉल में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, कई लड़कियों को छुड़ाया, स्पा मैनेजर को भेजा जेल

इसी तरह पलारी, बालोद, बेमेतरा के ग्रामीण इलाकों में भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। ग्राम पंचायत की ओर से इस गाने को बजाने या गाने पर 5 हजार का जुर्माना लगाया है। हालांकि इस तरह का जुर्माना लगाना कितना जायज है, यह बहस का विषय हो सकता है, लेकिन शायद पहली बार है जब छत्तीसगढ़ में किसी गाने को अश्लीलता का पर्याय मान कर उसके खिलाफ प्रतिबंध लगाया जा रहा है।

Read More: करोड़ों की उगाही करने वाले युवती समेत 2 तथाकथित पत्रकार गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

वैसे तो छत्तीसगढ़ी गानों और फिल्मों में लोक संस्कृति की अपनी ही मिठास देखने को मिलती रही है, लेकिन इन दिनों मुंबइया मसाला गानों की तर्ज पर यहां भी गाने बनने लगे हैं। ऐसा ही एक गाना ‘दबा बल्लू’ इन दिनों यूट्यूब पर काफी पसंद किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ जगहों पर ऐसे गानों का विरोध भी किया जा रहा है।

Read More: नक्सलियों ने महिला सरपंच को दी मारने की धमकी, जान बख्शने मांगे 10 लाख रु

 


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"