किसान आंदोलन, कमलनाथ ने राष्ट्रीय किसान-मजदूर महासंघ के साथ की बैठक, 7 दिन के विशेष सत्र की मांग
किसान आंदोलन, कमलनाथ ने राष्ट्रीय किसान-मजदूर महासंघ के साथ की बैठक, 7 दिन के विशेष सत्र की मांग
भोपाल। किसानों के आंदोलन को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी मांगों को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में महासंघ ने सीएम के सामने कई अहम मांगें रखीं। इनमें भूमि अधिग्रहण कानून समाप्त करने की मांग, अनाज का अनावश्यक आयात रोका जाए, मंदसौर किसान गोलीकांड में प्रभावी कार्रवाई हो, आंदोलन के दौरान किसानों पर लगाए गए केस वापस लिए जाने, किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विकासखंड स्तर पर कमेटियां बनाई जाने और लागत से अधिक आमदनी के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग शामिल है।
बैठक के दौरान किसान मजदूर संघ ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग रखी। उनका कहना था कि 7 दिन का विशेष सत्र बुलाकर किसानों से जुड़े मसलों पर चर्चा की जाए। समन्वय भवन में चल रही बैठक में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री किसान महासंघ की मांगों पर विभाग प्रमुखों से सलाह लेकर किसान महासंघ की मौजूदगी में मांगों को लेकर अहम फैसले ले सकते हैं। इस बैठक में किसानों से जुड़े हर विभाग के आला अफसरों को बुलाया गया है। पशुपालन, बिजली, फूड कार्पोरेशन, डेयरी विभाग के अफसर भी पहुंचे हैं। इस दौरान 12 से अधिक से विभागों के बड़े अफसर पहुंचे हैं।
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वहीं बैठक में जाने से पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि सरकार की लगातार किसान संगठनों से चर्चा चल रही है। ये किसानों की सरकार है, किसानों के लिए संवेदनशील सरकार है। कर्जमाफी को लेकर कुछ लोगों ने भ्रम फैलाने की कोशिश की है, लेकिन अब आचार संहिता खत्म होने के बाद किसानों की सभी शंकाएं दूर हो जाएंगी।
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यादव ने कहा कि आंदोलन से कोई अव्यवस्था न हो इसकी सरकार की पूरी तैयारी है। वहीं किसान आन्दोलन पर सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि किसानों ने कांग्रेस की सरकार बनाने में पूरा सहयोग दिया है। सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर चिंतित है। जल्द किसानों की समस्याओं का निराकरण होगा।

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