सरकारी अस्पतालों में बदला ओपीडी का समय, कमलनाथ ने कहा ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में हो विचार

सरकारी अस्पतालों में बदला ओपीडी का समय, कमलनाथ ने कहा ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में हो विचार

सरकारी अस्पतालों में बदला ओपीडी का समय, कमलनाथ ने कहा ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में हो विचार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: June 1, 2019 3:32 pm IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के शासकीय अस्पतालों में ओपीडी का समय बदलने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने इस बारे में दिशा-निर्देश दिए हैं। जारी दिशा निर्देशों के तहत डॉक्टर्स को राउंड के दौरान भी ओपीडी का ध्यान रखना होगा। उन्हें मरीज की पूरी जानकारी सीट पर भी देना होगी। वहीं छुट्टी के दिन भी 24 घंटे आपातकालीन ओपीडी की व्यवस्था होगी।

इससे पहले शनिवार को मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के साथ लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा की। उन्होंने  सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञों की सीधी भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो, इसके लिए ‘राइट टू हेल्थ’ की दिशा में विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों की विशेषकर, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के उपलब्ध रहने का समय सुबह 9 से दोपहर 4 बजे तक निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में निजी भागीदारी में डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित करने को कहा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक से अधिक कॉर्पोरेट-सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड लाने की दिशा में विशेष प्रयास करने को कहा। कमलनाथ ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर्स अस्पतालों में समय पर उपलब्ध हों और विशेषज्ञों की सेवाएं मरीजों को मिले। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एमडी पीएस वेब सर्विस का शुभारंभ किया। बैठक में मुख्य सचिव एसआर मोहंती, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पल्लवी जैन गोविल, सचिव राजीव दुबे एवं स्वास्थ्य आयुक्त नीतेश व्यास उपस्थित थे।


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