ऑपरेशन रामबाण…बड़ा खुलासा! अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर?

ऑपरेशन रामबाण...बड़ा खुलासा! अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर?

ऑपरेशन रामबाण…बड़ा खुलासा! अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर?
Modified Date: November 29, 2022 / 09:01 pm IST
Published Date: April 10, 2021 6:02 pm IST

भोपाल: प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी किल्लत हो गई है। मेडिकल स्टोर में रेमडेसिविर दवा मिल नहीं रही। लोग एक मेडिकल से दूसरे मेडिकल में चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर रेमडेसिविर इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी हो रही है। एक डोज के 20 हजार तक वसूले जा रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि अस्पतालों और बाजार से क्यों गायब हो गई रेमडेसिविर? रेमडेसिविर की कमी को कैसे पूरा करेगी सरकार ?

Read More: कोरोना पर सियासी संग्राम! क्या वाकई प्रदेश में सबकुछ ठीक है?

कोरोना मरीज लाइफ सेविंग दवा के लिए तरस रहे हैं, कोरोना मरीजों के परिजन परेशान हो रहे हैं। किसी भी मेडिकल दुकान पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इंजेक्शन की कमी पर किसी के पास ठोस जवाब नहीं है। दवाई की दुकानों के बाहर लगी लंबी-लंबी कतारें लग रही है।

Read More: निजी अस्पतालों में भी आयुष्मान कार्ड से कोरोना का मुफ्त ईलाज शुरू, CM भूपेश बघेल के निर्देश पर जिला प्रशासन की पहल


लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"