छत्तीसगढ़ में आज से समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान, बनाए गए 2 हजार 305 केंद्र, 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने कराया है पंजीयन

छत्तीसगढ़ में आज से समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान, बनाए गए 2 हजार 305 केंद्र, 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने कराया है पंजीयन

छत्तीसगढ़ में आज से समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान, बनाए गए 2 हजार 305 केंद्र, 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने कराया है पंजीयन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:05 pm IST
Published Date: December 1, 2020 2:09 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान उत्पादक किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महा अभियान आज से शुरू हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए सभी तैयारियां सप्ताहभर पहले ही पूरी कर ली गई थी। वहीं सभी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसानों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धान खरीदी की निगरानी करेंगे।

Read More News: CRPF के डीजी बुरकापाल कैंप पहुंचे, नक्सलियों से मुकाबला करने वाले जवानों का बढ़ाया हौसला

बता दें कि प्रदेश में धान खरीदी का महाअभियान 1 दिसम्बर से शुरु 31 जनवरी 2021 तक चलेगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में 2 हजार 305 धान खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें से 257 ऐसे केंद्र है जहां पर पहली बार धान खरीदी की जाएगी। वहीं पिछले वर्ष की तुलना में 2 लाख 49 हजार ज्यादा किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इन्हें मिलाकर इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए कुल 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने पंजीयन कराया है।

Read More News:  मेडिकल बुलेटिन : प्रदेश में आज 1383 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि, 10 संक्रमितों की मौत

बड़ी बातें
– किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान
– 31 जनवरी 2021 तक की जाएगी धान खरीदी
– प्रदेश में 2 हजार 305 धान खरीदी केंद्र बनाए गए
– 257 नए केंद्रों में की जाएगी धान की खरीदी
– 21 लाख 29 हजार 764 किसानों ने कराया पंजीयन
– 2 लाख 49 हजार नए किसानों ने कराया पंजीयन
– टोकन के आधार पर होगी किसानों से धान की खरीदी
– खरीदी केंद्रों पर 27 नवंबर से बांटे जा रहे हैं टोकन
– 7 दिनों तक रहेगी टोकन की वैधता
– टोकन का उपयोग नहीं करने पर नया टोकन मिलेगा
– 1 दिसंबर से रकबे में नहीं होगा कोई परिवर्तन
– दूसरे राज्यों से धान आयात पर होगी कार्रवाई


लेखक के बारे में