रमन ने कहा- नरूवा, गरुआ, घुरूवा, बारी, किसान पूछ रहा पैसा कहां रखे हे संगवारी

रमन ने कहा- नरूवा, गरुआ, घुरूवा, बारी, किसान पूछ रहा पैसा कहां रखे हे संगवारी

रमन ने कहा- नरूवा, गरुआ, घुरूवा, बारी, किसान पूछ रहा पैसा कहां रखे हे संगवारी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: February 26, 2019 12:09 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने जमकर भड़ास निकाली। कटौती मांगों पर चर्चा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार वित्तीय कुप्रबंधन की ओर जा रही है। यह प्रदेश को पीछे ले जाने वाला बजट है।

उन्होंने कहा कि अगर घाटे को बढ़ाते जातें है तब सरकार की कर्ज लेने की क्षमता अपने-आप बढ़ती जाती है। हमारी सरकार ने कुशल वित्तीय प्रबंधन किया। वित्तीय प्रबंधन के कुचक्र से निकलने में वर्षों लगते हैं। उन्होंने कहा कि हमने 15 वर्षों में करीब 28 हज़ार करोड़ का ऋण लिया, प्रतिवर्ष लगभग 2 करोड़ रुपए। पूर्व मुख्यमंत्री ने 15 वर्षों बनिस्बत 15 महीने की बात कर तुलनात्मक आंकड़ा पेश किया। 15 महीनों में आप 24 हज़ार करोड़ का ऋण लेने जा रहे है, वह भी सिर्फ राजस्व व्यय के लिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने आज 55 दिनों में ही 7000 करोड़ का ऋण ले लिया। उन्होंने 2500 रुपए में धन खरीदी के निर्णय काया स्वागत किया और कहा कि मार्कफेड घाटे में जा रहा है। इसकी चिंता करनी होगी। ऊर्जा के क्षेत्र में हमारी सरकार ने बड़ा काम किया। अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को, मतलब आधी आबादी को निःशुल्क सोलर पंप बाटने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य रहा। खनिज, रेत सभी के लिए अहम हिस्सा है। राजीव गांधी ने पंचायत को मजबूत करने का सपना देखा था। हमने पंचायत के माध्यम से इसके संचालन की व्यवस्था की थी। इंटर स्टेट में रॉयल्टी बढ़ाएं, किसी को आपत्ति नहीं होगी।

रमन ने कहा कि आपने जन घोषणा पत्र में जो वायदे किए थे, सभी आप की ओर टकटकी लगाए देख रहे थे। आपने जो घोषणाएं की थीं उसकी सांकेतिक शुरुवात तो करते। राजनीति में किसी का विश्वास खंडित करना सबसे गलत बात है। शराब बंदी के नाम पर आपने आधी आबादी का विश्वास तोड़ा है। लोकसभा चुनाव में आपको इसका खामियाजा भुगतना होगा। आपने नरूवा, गरुआ, घुरूवा, बारी की बात की, आज गांव का किसान पूछ रहा है कि पैसा कहां रखे हैं संगवारी। 60 दिनों में ही विश्वास टूटने का काम हुआ है। अनुसूचित जाति जनजाति क्षेत्रों के उप योजना की राशि में आपने बड़ी कमी कर दी। इससे इस क्षेत्र के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बस्तर का सपना था स्टील प्लांट। 100 साल बाद यह पूरा होने जगह है। नगरनार में भी भिलाई जैसा शहर होगा। गवर्नेंस को आपने तहस नहस कर दिया।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर एसपी का जिस तरह ट्रांसफर किया जा रहा है। महिला एसपी को 60 दिन में ही हटा दिया गया। ऐसा क्या है कि इतनी तेजी से बदलाव किया जा रहा है। 1 आईपीएस को एसआईटी का प्रमुख बनाया उसने दबाव में कोई कार्रवाई नही की उसे हटा दिया गया। भारसाधक मंत्री को जानकारी नही होती और ट्रांसफर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पर्यावरण मंडल का अध्यक्ष राजनीतिक व्यक्ति को नही बनाया जाए।  लेकिन आप ने ऐसा किया। अब्राहम लिंकन का मशहूर वक्तव्य है, जनता का जनता के लिए जनता के द्वारा शासन होता है। लेकिन लगता है कि आपकी सरकार एसआईटी का एसआईटी के लिए एसआईटी द्वारा सेशन चल रहा है। व्यंग करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईटी काम कर रही है कि नहीं  इसके लिए भी एक एसआईटी आपको बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जिसके खिलाफ इंफोर्समेंट डिरेक्टरेट में शिकायत की जाती है, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाता है लेकिन सरकार आने के बाद गजनी की तरह आपकी याददाश्त चली जाती है और वही अधिकारी हीरो बनकर एसआईटी का इंचार्ज बनता है। ईओडब्ल्यू का प्रमुख बदल दिया जाता है।

चर्चा के दौरान अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। इसका अभाव नजर आ रहा है। महिलाओं को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं है। महिलाओं को सरकार गंभीर नहीं है। पूर्ण शराबबंदी को लेकर कुछ आशा जागी थी, लेकिन सरकार इसके मूड में नहीं दिख रही है। किसानों और खेती की संभावनाएं भी नजर नहीं आ रही है।

उन्होंने सरकार के वित्तीय प्रबंध पर कहा कि हमारी देनदारी बढ़ती जा रही है। दो DGP पर कहा कि सीनियर DG अपने जूनियर प्रभारी डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे ये व्यवस्था ठीक नहीं है। पं. बंगाल में ऐसी स्थिति बनने पर आईपीएस ने खुदकुशी की थी। यहां पर भी ऐसी स्थिति बन रही है। हमारी सरकार के समय हम जीरो पावर कट की स्थिति में थे, अब बिजली कटौती की स्थिति क्यों बन रही है। बिजली बिल हाफ का फायदा किसानों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने रेत खनन की नई नीति से रेत की कीमतें बढ़ने की आशंका जाहिर की।

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कौशिक ने नेटवर्क नहीं होने वाली जगहों पर मोबाइल बांटने का विरोध करने को गलत बताया। हमने मोबाइल दिया आप नेटवर्क उपलब्ध करा दें। उन्होंने इंटर स्टेट हवाई सेवा का विस्तार करने की बात कही। सरकार की नीयत और नीति में अंतर दिख रहा है।


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