निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की पैनी निगाह, 6 विशेष दस्ते करेंगे शालाओं की जांच
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की पैनी निगाह, 6 विशेष दस्ते करेंगे शालाओं की जांच
जबलपुर। नया शिक्षण सत्र शुरू होते ही बच्चों के भविष्य को लेकर जहां अभिभावकों की चिंता शुरू हो जाती है। वहीं निजी स्कूलों के द्वारा अभिभावकों से लूट का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। फीस में बढ़ोत्तरी के साथ ही विभिन्न मदों के नाम पर लिया जाने वाला शुल्क और खास पब्लिकेशन की बुक निश्चित दुकानों से ही खरीदने के लिए स्कूल अभिभावकों को मजबूर करते हैं। जिसकी शिकायत हर बार पेरेंट्स प्रशासन से तो करते हैं, लेकिन उसका कोई फायदा उन्हें नहीं मिलता है। ऐसे में अभिभावकों को राहत देने और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए जबलपुर जिला प्रशासन ने यूनिफॉर्म सहित कॉपी किताबों और फीस में मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
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अभिभावकों की शिकायत को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने 6 दस्तों का गठन किया है। यह दस्ते जिले के सभी निजी स्कूलों की जांच करेंगे और फिर उसकी रिपोर्ट 4 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को सौंपेंगे। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूलों की जांच करने जिन दस्तों का गठन किया गया है, उन्हें खास बिंदुओं पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कलेक्टर द्वारा गठित दस्ते बीते 3 सालों की क्लास के आधार पर फीस, परीक्षा शुल्क सहित सिलेबस और ड्रेस की जानकारी जुटाएंगे। जिससे पता चल सके की स्कूल शासन के नियमों और मापदंडों का कितना पालन कर रहे हैं। जबलपुर कलेक्टर की माने तो स्कूलों में एनसीआरटी की किताबों से पढ़ाई न कराने और मनमाने तरीके से फीस वसूलने की शिकायत मिली थी। जिसके चलते जांच टीमें बनाई गई हैं।
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ये प्रशासन द्वारा गठित दल स्कूलों के रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही स्कूलों से दी गई किताबों की लिस्ट और पुस्तक विक्रेताओ से किताबों की जानकारी जुटायेगीं और उसकी जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौपेंगी। कलेक्टर के मुताबिक जो भी स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन नहीं करता पाया गया उसकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

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