शहडोल जिला अस्पताल में फिर दो नवजातों की मौत, 6 दिन के भीतर 10 बच्चों ने गंवाई जान
शहडोल जिला अस्पताल में फिर दो नवजातों की मौत, 6 दिन के भीतर 10 बच्चों ने गंवाई जान
शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के कुशाभाऊ ठाकरे जिला चिकित्सालय में आज फिर दो नवजातों की मौत हो गई। बीते 12 घंटे के भीतर ही दोनों मासूमों की सांस थम गई। बता दें कि अस्पताल में उपचार के दौरान 6 दिन के भीतर 10 मासूमों की मौत हो गई। लगातार हो रही मौत पर अस्पताल में उपचार को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
Read More News: सीएम भूपेश बघेल बोले- ‘न्याय योजना’ से किसानों की अर्थव्यवस्था में हुआ सुधार, केंद्र सरकार भी इस योजना को करे लागू
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती दो नवजातों की मौत बीते 12 घंटे के भीतर हो गई। पाली से आए 7 माह के नवजात की निमोनिया की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। गुरुवार की सुबह 11 बजे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था।
Read More News: शहडोल में 6 मासूम बच्चों की मौत के बाद सीएम शिवराज ने की आपात बैठक, CMHO से ली पूरी रिपोर्ट, जांच के दिए निर्देश
इसके अलावा डिंडोरी से आए 1 माह 10 दिन के नवजात की भी मौत हो गई। मौत के पीछे का कारण कम वजन का होना बताया गया। बता दें कि इस तरह जिला अस्पताल में 6 दिन के भीतर 10 नवजातों की मौत हो गई है।
Read More News: मुठभेड़ में ढेर हुआ तीन लोगों की हत्या का मुख्य आरोपी, 5 पुलिसकर्मी भी हुए घायल
CM शिवराज ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के दिए हैं निर्देश
जिला अस्पताल में मौत के मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए हैं। बता दें कि लगातार मौत को लेकर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए। वहीं भोपाल की एक विशेष टीम शहडोल पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। इस बीच आज और दो बच्चों की मौत से अस्पताल में हड़कंप मच गया।
Read More News: शराब के नशे में दूल्हे के दोस्तों ने कर दी ऐसी हरकत, दुल्हन ने तोड़ दी शादी, दूसरे दिन अन्य युवक के साथ लिए 7 फेरे
बच्चों की मौत पर सवाल
शहडोल के जिला अस्पताल में एक के बाद एक हो रहे मासूम बच्चों के मौत के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे है। आखिर लगातार मौत के बाद भी जिम्मेदार लोग क्या कर रहे हैं, क्या जिला अस्पताल में कोई व्यवस्थाएं नहीं। हालत गंभीर थी तो रेफर क्यों नहीं किया गया। क्या इलाके में कोई बीमारी फैल रही है। हर साल सरकार प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए करोड़ों रुपए का बजट पास करती है। लेकिन इस तरह लगातार मौत के मामले सामने आना बेदह ही शर्मनाक है।
Read More News: बढ़ सकते हैं बिजली के दाम, ऊर्जा मंत्री ने कहा- घाटों की नहीं हुई पूर्ति तो ले सकते हैं ये बड़ा फैसला

Facebook


