10 Minute Delivery Ban: अब 10 मिनट में डिलीवरी बंद, केंद्र सरकार के दखल पर हटाई टाइम लिमिट की शर्त, डिलीवरी बॉय की बड़ी जीत

10 Minute Delivery Ban: अब 10 मिनट में डिलीवरी बंद, केंद्र सरकार के दखल पर हटाई टाइम लिमिट की शर्त, डिलीवरी बॉय की बड़ी जीत Blinkit, Zomato, Swiggy

10 Minute Delivery Ban: अब 10 मिनट में डिलीवरी बंद, केंद्र सरकार के दखल पर हटाई टाइम लिमिट की शर्त, डिलीवरी बॉय की बड़ी जीत

10 Minute Delivery Ban/Image Source: Generated by AI

Modified Date: January 13, 2026 / 02:56 pm IST
Published Date: January 13, 2026 2:50 pm IST
HIGHLIGHTS
  • डिलीवरी बॉय की जीत
  • 10 मिनट डिलीवरी पर लगी रोक
  • डिलीवरी बॉय की सुरक्षा पर सरकार सख्त

नई दिल्ली: 10 Minute Delivery Ban: देशभर के गिग वर्कर्स की हड़ताल का असर दिखने लगा है। सरकार के हस्तक्षेप के बाद डिलीवरी बॉय की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से 10 मिनट डिलीवरी का नियम हटा लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि तेज डिलीवरी के दबाव में किसी भी डिलीवरी पार्टनर की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।

खत्म हुआ 10 मिनट डिलीवरी का दबाव (10 minute delivery)

10 Minute Delivery Ban: केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड प्लेटफॉर्म से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है। इस मुद्दे पर श्रम मंत्री ने ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और डिलीवरी की समय-सीमा आधारित मार्केटिंग हटाने पर सहमति बनी। सरकार ने कंपनियों को साफ संदेश दिया कि तेज डिलीवरी के दबाव में डिलीवरी बॉय की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए। सरकार के निर्देश के बाद सभी कंपनियों ने यह आश्वासन दिया है कि वे अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट्स से डिलीवरी की समय-सीमा का उल्लेख हटाएंगी और डिलीवरी पार्टनर्स पर किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाएगा।

डिलीवरी बॉय की जीत (blinkit 10 minute delivery)

10 Minute Delivery Ban: दरअसल, 10 मिनट की डिलीवरी लिमिट के चलते डिलीवरी बॉय पर तेजी से ऑर्डर पूरा करने का दबाव बढ़ रहा था, जिससे सड़क हादसों और सुरक्षा जोखिमों की आशंका बनी हुई थी। इसी मुद्दे को लेकर 31 दिसंबर की रात देशभर में गिग वर्कर्स ने हड़ताल की थी। हड़ताल के दौरान डिलीवरी बॉयज ने सरकार से मांग की थी कि उनकी सुरक्षा और कार्य स्थितियों को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। इसके बाद सरकार ने कंपनियों से बातचीत कर यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा पहले, स्पीड बाद में यही नीति होगी। सरकार के इस फैसले को गिग वर्कर्स के लिए बड़ी राहत और उनकी सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।