झारखंड के 10 लापता आदिवासी बच्चों को बिहार से ढूंढ निकाला गया

झारखंड के 10 लापता आदिवासी बच्चों को बिहार से ढूंढ निकाला गया

झारखंड के 10 लापता आदिवासी बच्चों को बिहार से ढूंढ निकाला गया
Modified Date: February 8, 2026 / 12:22 pm IST
Published Date: February 8, 2026 12:22 pm IST

रांची, आठ फरवरी (भाषा) झारखंड के कोडरमा जिले में श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के बाद 31 जनवरी से लापता छह लड़कियों सहित 10 आदिवासी बच्चों को बिहार के गयाजी से रविवार को पुलिस ने ढूंढ निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

खरियोडीह पंचायत के गड़ियाही बिरहोर टोला के रहने वाले ये बच्चे विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह से ताल्लुक रखते हैं।

पुलिस ने बताया कि बच्चे अपने समूह से बिछड़ गए थे, जिसके बाद उन्होंने एक ट्रेन पकड़ी लेकिन सही स्टेशन पर नहीं उतर पाए और गयाजी पहुंच गए।

कोडरमा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को सभी दस लापता बच्चे बिहार के गयाजी जिले के एक बाल गृह में मिले।

सिंह ने बताया, “गयाजी में पुलिस द्वारा ढूंढ निकाले जाने के बाद कुछ बच्चों को वहां बालगृह में रखे जाने की सूचना मिलने पर मैं अपनी टीम के साथ तुरंत गयाजी पहुंचा। बाल गृह पहुंचने पर हमने विवरणों का मिलान किया और उनके अभिभावकों से वीडियो कॉल के माध्यम से उनकी पहचान की पुष्टि की और उन्हें वापस ले आए।”

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि 31 जनवरी को उनके गांव के लगभग 60 से 70 लोग लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित परसाबाद में श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने गए थे लेकिन इन 10 बच्चों को छोड़कर बाकी सभी वापस लौट आए। अधिकारी ने बताया कि वे किसी तरह भटक कर पारसडीह रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में चढ़ गए लेकिन अपने स्टेशन पर उतर नहीं पाए तथा इसके बाद बच्चे गयाजी पहुंच गए।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बच्चे वहां भटक रहे थे और दो फरवरी को पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला।

बिहार पुलिस ने गयाजी में उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया और सात फरवरी को कोडरमा पुलिस को सूचना दी गई।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कोई आपराधिक पहलू शामिल नहीं है।

भाषा जितेंद्र सुरभि

सुरभि


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