चंडीगढ़, 12 मार्च (भाषा) हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो द्वारा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत अब तक छह बैंक कर्मचारियों और एक सरकारी अधिकारी समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के अनुसार, इस मामले में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है, जिससे पता चला है कि मुख्य आरोपी ने सरकारी धन को अवैध रूप से कई बैंक खातों में स्थानांतरित करने के लिए कई फर्जी फर्म और कंपनियों का गठन किया था।
एसीबी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विभिन्न सरकारी विभागों के खातों से धनराशि अनधिकृत रूप से इन फर्जी कंपनियों के नाम पर संचालित खातों में स्थानांतरित की गई थी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान चिह्नित कुछ कंपनियों में आर एस ट्रेडर्स, कैप को फिनटेक सर्विसेज, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट शामिल हैं।
धोखाधड़ी वाले लेन-देन से जुड़े होने के संदेह में 100 से अधिक बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने खुलासा किया है कि चंडीगढ़ की एक शाखा में कुछ कर्मचारियों और अन्य द्वारा हरियाणा सरकार के स्वामित्व वाले विशिष्ट खातों में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
भाषा आशीष प्रशांत
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