वर्ष 2023 में दुनियाभर में 1.3 अरब लोग यकृत की बीमारी से पीड़ित थे: लैंसेट का अध्ययन

वर्ष 2023 में दुनियाभर में 1.3 अरब लोग यकृत की बीमारी से पीड़ित थे: लैंसेट का अध्ययन

वर्ष 2023 में दुनियाभर में 1.3 अरब लोग यकृत की बीमारी से पीड़ित थे: लैंसेट का अध्ययन
Modified Date: April 14, 2026 / 04:08 pm IST
Published Date: April 14, 2026 4:08 pm IST

नयी दिल्ली, 14 अप्रैल (भाषा) वर्ष 2023 में दुनिया भर में लगभग 1.3 अरब लोग यकृत (लिवर) की बीमारी से पीड़ित थे, जो 1990 के बाद से 143 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। ‘द लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

इसके अनुसार वर्ष 2023 में ‘मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज’ (एमएएसएलडी) से करीब 1.3 अरब लोग पीड़ित थे।

‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी (जीबीडी)-2023’ के आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण में यह भी अनुमान लगाया गया है कि जनसंख्या वृद्धि और जीवनशैली में बदलाव (जिसमें मोटापे और उच्च रक्त शर्करा की बढ़ती दरें शामिल हैं) के कारण 2050 तक एमएएसएलडी के वैश्विक मामले बढ़कर लगभग 1.8 अरब हो सकते हैं।

जीबीडी-2023 एमएएसएलडी के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में अन्य क्षेत्रों की तुलना में एमएएसएलडी की दर कहीं अधिक थी।

उन्होंने यह भी पाया कि यद्यपि अधिक लोग इस बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर समग्र प्रभाव स्थिर बना हुआ है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि परिणाम से पता चलता है कि उपचार और देखभाल में हुई प्रगति से लोगों को लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल रही है और मामलों की संख्या में वृद्धि ज्यादातर बीमारी के शुरुआती चरणों में हो रही है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि मामलों की बढ़ती संख्या का मतलब यह है कि भविष्य में कई लोगों को लीवर सिरोसिस या कैंसर सहित गंभीर जटिलताओं के विकसित होने का खतरा है।

टीम ने कहा कि निष्कर्ष इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि शहरीकरण और जीवनशैली में बदलाव के बीच कम और मध्यम आय वाले देशों में युवा वयस्कों को एमएएसएलडी तेजी से प्रभावित कर रहा है।

भाषा

शुभम संतोष

संतोष


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