भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशियों को वापस भेजा गया: हिमंत विश्व शर्मा

भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशियों को वापस भेजा गया: हिमंत विश्व शर्मा

भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशियों को वापस भेजा गया: हिमंत विश्व शर्मा
Modified Date: January 5, 2026 / 10:37 pm IST
Published Date: January 5, 2026 10:37 pm IST

गुवाहाटी, पांच जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशी नागरिकों को पकड़कर वापस उनके देश भेज दिया गया।

हालांकि, हिमंत ने इन लोगों के मूल देश या उनकी जातीयता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हम सभी अवैध प्रवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, उनके अपने वतन में रहने के अधिकार को और उन्हें वापस भेजे जाने के अधिकार को। उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए हमने 13 प्रवासियों को सीमा के दूसरी ओर वापस भेज दिया।”

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असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं।

श्रीभूमि के सुतारकंडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है।

पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन एकीकृत जांच चौकियां हैं, जिनमें से अन्य दो मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के अखौरा में स्थित हैं।

इस क्षेत्र में एक और आईसीपी असम के दर्रांगा में भारत-भूटान सीमा के पास स्थित है।

असम पुलिस ने पहले कहा था कि राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पिछले साल पड़ोसी देश बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद कानून के अनुसार गैर-भारतीयों के बांग्लादेश से देश में प्रवेश करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

हालांकि, उसने कहा था कि सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों को राज्य के सभी प्रवेश बिंदुओं के रास्ते संकटग्रस्त बांग्लादेश से लौटने की अनुमति दी जाएगी।

भाषा पारुल वैभव

वैभव


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