कांग्रेस की ऐतिहासिक पहल के कारण आज पंचायतों में 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि: राहुल
कांग्रेस की ऐतिहासिक पहल के कारण आज पंचायतों में 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि: राहुल
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को पंचायती राज दिवस के अवसर पर कहा कि 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से कांग्रेस द्वारा की गई ऐतिहासिक पहल का परिणाम है कि आज देशभर में लगभग 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पंचायती राज संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो दुनिया में महिलाओं की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक भागीदारी में से एक है।
कांग्रेस की सरकार के समय 1993 में 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया था।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पंचायती राज, महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत नींव रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी ने भारत के गांवों को सशक्त बनाते हुए उन्हें देश की मुख्य धारा से जोड़ा। उन्होंने हर वर्ग को अधिकार दिलाए और पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से जनभागीदारी को सुनिश्चित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायती राज महिला सशक्तीकरण का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। 1993 से 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया। आज कई राज्यों में यह बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है।’’
राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस की इस ऐतिहासिक पहल का परिणाम है कि आज देशभर में 14 से 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पंचायती राज संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो दुनिया में महिलाओं की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक भागीदारी में से एक है।
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायती राज व्यवस्था ने देश की महिलाओं को नेतृत्व करने और राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का सुनहरा अवसर दिया है। देश के सभी मुखिया, पंचों और स्थानीय निकायों के सदस्यों को पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आजादी के पहले महात्मा गांधी जी और हमारे तमाम महान क्रांतिकारियों का सपना था कि आजाद भारत में जनता सर्वोपरि हो, सत्ता की चाबी हमारे गांवों और वहां बसने वाले आम लोगों के हाथ में हो। इसी सपने को साकार करने के लिए आजादी के बाद पंडित नेहरू जी ने पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की।’’
उनके मुताबिक, बाद में राजीव गांधी जी ने इसे पूरे देश में लागू किया और उनके प्रयासों से पंचायतों में महिलाओं को एक तिहाई हिस्सेदारी मिली जिसकी वजह से आज लाखों महिलाएं पंचायत प्रतिनिधि बनकर लोकतंत्र को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘देश के सभी पंचायत प्रतिनिधियों, सदस्यों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।’’
भाषा हक
हक मनीषा
मनीषा

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