नयी दिल्ली दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नकली और अवैध रूप से गबन की गई सरकारी कैंसर रोधी दवाओं के अवैध व्यापार में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर अलग अलग राज्यों से 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान में लगभग नौ करोड़ रुपये मूल्य की कैंसर रोधी दवाओं की 588 भरी हुई शीशियां, छह खाली शीशियां, सात खाली डिब्बे और अन्य दवाओं के 3,021 पत्ते बरामद किए।
पुलिस ने बताया कि इसके अलावा 50 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर कई मध्यस्थों के माध्यम से काम कर रहा था और इस संबंध में अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत 12 जुलाई 2026 को मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, 22 जून को इस गिरोह के संबंध में मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई थी। इसके बाद 11 जुलाई को औषधि विभाग और स्थानीय पुलिस के सहयोग से दिल्ली और नवी मुंबई में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह तीन मुख्य तरीकों से महंगी कैंसर रोधी दवाएं हासिल करता था जिसमें अनधिकृत स्रोतों से नकली दवाएं खरीदना, अस्पतालों से कैंसर रोगियों के लिए आई दवाओं का गबन करना और सरकारी संस्थानों या गोदामों से दवाओं को प्राप्त करना शामिल था।
अधिकारी ने कहा कि दवाएं वैध चालान, खरीद रिकॉर्ड, दवा लाइसेंस या अन्य वैध दस्तावेजों के बिना कथित तौर पर खरीदी गईं और आवासीय और अन्य परिसरों में रखी गईं और फिर उन्हें बिचौलियों के माध्यम से वितरित किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बिचौलिए, दवा दुकान संचालक, फार्मास्यूटिकल्स कंपनी चलाने वाले और अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ व कर्मचारी शामिल हैं, जो मरीजों के लिए आने वाली दवाओं की हेराफेरी कर उन्हें बिना वैध बिल और लाइसेंस के अवैध रूप से बेचते थे।
अधिकारी ने बताया कि मूल डिब्बों का पुन: उपयोग करने और पहचान छिपाने के लिए एसीटोन जैसे रसायनों से बैच नंबर और एमआरपी हटाई जाती थी।
अधिकारी ने कहा कि कुछ रजिस्टर और डायरियां भी मिली हैं जिनमें दवा और नकदी लेनदेन विवरण दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, इस सिलसिले में दिल्ली के लक्ष्मी नगर से अभिषेक वैश्य (26), शुभम कुमार चौधरी (25) व सूरज चौधरी (22) और गोविंदपुरी से सतीश कुमार (30) को पकड़ा गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गगन (28) व विश्वास त्यागी (35) तथा नोएडा से आनंद कुमार (42) को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के फरीदाबाद से दीपक उर्फ रवि (33) व जसवंत शर्मा (42), गुरुग्राम से मुकेश (30) व मयंक गर्ग (35) और झज्जर से परमजीत श्योराण (34) की गिरफ्तारी हुई है।
उनके मुताबिक, तेलंगाना के हैदराबाद से श्रीनिवासुलु कालवा (52), रामदास सतीश कुमार (42) व मालूगारी श्रीनाथ रेड्डी (35), महाराष्ट्र के नवी मुंबई से आयुष कुमार (23) और राजस्थान के अलवर से मनीष शर्मा (28) को पकड़ा गया है।
अधिकारी ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करने, पूरी आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए मामले में आगे की कार्रवाई और छानबीन जारी है।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
पवनेश