बंगाल विधानसभा चुनाव में 23 प्रतिशत प्रत्याशी आपराधिक मामले वाले: एडीआर की रिपोर्ट

बंगाल विधानसभा चुनाव में 23 प्रतिशत प्रत्याशी आपराधिक मामले वाले: एडीआर की रिपोर्ट

बंगाल विधानसभा चुनाव में 23 प्रतिशत प्रत्याशी आपराधिक मामले वाले: एडीआर की रिपोर्ट
Modified Date: April 22, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: April 22, 2026 6:38 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) चुनाव सुधार के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 129 ‘‘रेड अलर्ट’’ निर्वाचन क्षेत्र हैं, जो 2021 के चुनावों की तुलना में 17 प्रतिशत की वृद्धि है।

‘‘रेड अलर्ट’’ निर्वाचन क्षेत्र ऐसी सीट को कहा जाता है, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले होने की घोषणा की हो।

एडीआर ने 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ रहे 2,920 उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया और यह जानकारी दी कि कुल प्रत्याशियों में से एक चौथाई से कुछ कम, यानी 683 (23 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है, जबकि 589 (20 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव (2021) में, 2,130 उम्मीदवारों में से 528 (25 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी, जबकि 431 (20 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के ऐसे सबसे अधिक उम्मीदवार हैं – विश्लेषण किये गए 293 उम्मीदवारों में से 208 (71 प्रतिशत) – जिन्होंने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

कांग्रेस के 293 उम्मीदवारों में से 76 (26 प्रतिशत), तृणमूल कांग्रेस के 290 उम्मीदवारों में से 112 (39 प्रतिशत) और माकपा के 198 उम्मीदवारों में से 94 (47 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

प्रमुख पार्टियों में से, भाजपा के 293 उम्मीदवारों में से 188 (64 प्रतिशत), कांग्रेस के 293 उम्मीदवारों में से 63 (22 प्रतिशत), तृणमूल के 290 उम्मीदवारों में से 90 (31 प्रतिशत), माकपा के 198 उम्मीदवारों में से 78 (39 प्रतिशत), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के 23 उम्मीदवारों में से 5 (22 प्रतिशत) और भाकपा के 17 उम्मीदवारों में से 2 (12 प्रतिशत) ने चुनावी हलफनामों में अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की घोषणा की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 192 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले होने की चुनावी हलफनामे में जानकारी दी, जिनमें से आठ ने बलात्कार के मामलों की जानकारी दी।

वहीं, 35 उम्मीदवारों ने हत्या के मामले और 185 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास के मामले होने की जानकारी दी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 129 (44 प्रतिशत) निर्वाचन क्षेत्र ‘‘रेड अलर्ट’’ वाले हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में ऐसे 78 (27 प्रतिशत) निर्वाचन क्षेत्र थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 129 (44 प्रतिशत) निर्वाचन क्षेत्र ‘‘रेड अलर्ट’’ वाले हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में ऐसे 78 (27 प्रतिशत) निर्वाचन क्षेत्र थे।

विश्लेषण किये गए 2,920 उम्मीदवारों में से 629 (22 प्रतिशत) करोड़पति हैं, जो पिछले विधानसभा चुनावों के 18 प्रतिशत से अधिक हैं।

प्रमुख पार्टियों में से, तृणमूल कांग्रेस के विश्लेषण किये गए 290 उम्मीदवारों में से 209 (72 प्रतिशत), भाजपा के 293 उम्मीदवारों में से 143 (49 प्रतिशत), कांग्रेस के 293 उम्मीदवारों में से 86 (29 प्रतिशत), माकपा के 198 उम्मीदवारों में से 57 (29 प्रतिशत), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के 23 उम्मीदवारों में से 4 (17 प्रतिशत) और भाकपा के 17 उम्मीदवारों में से 4 (24 प्रतिशत) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति घोषित की है।

बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) लड़ रहे प्रत्येक उम्मीदवार की औसत संपत्ति 1.27 करोड़ रुपये है। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में, 2,130 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 91.69 लाख रुपये थी।

प्रमुख पार्टियों में, विश्लेषण किये गए 293 भाजपा उम्मीदवारों की प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 2.91 करोड़ रुपये है, 293 कांग्रेस उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.56 करोड़ रुपये है जबकि 290 तृणमूल उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 5.39 करोड़ रुपये है।

वहीं, 198 माकपा उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.07 करोड़ रुपये है, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के 23 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 79.48 लाख रुपये है और भाकपा के 17 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 78.44 लाख रुपये है।

ऐसे चार उम्मीदवार हैं जिन्होंने संपत्ति शून्य घोषित की है – निर्दलीय उम्मीदवार मौसमी घोष (बेहाला पश्चिम), वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया की शहजादी परवीन (उलुबेरिया पूर्व), और आम जनता उन्नयन पार्टी के आसिफ हुसैन (हावड़ा मध्य) और एसके हबीब (उलुबेरिया दक्षिण)।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) में केवल 385 (13 प्रतिशत) महिला उम्मीदवार हैं। वहीं, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 2,130 उम्मीदवारों में से 240 (11 प्रतिशत) महिलाएं थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, 1,354 (46 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 12वीं कक्षा के बीच बताई है, जबकि 1,419 (49 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने स्नातक या उससे ऊपर की डिग्री होने की घोषणा की है, 49 उम्मीदवार डिप्लोमाधारी हैं, 68 उम्मीदवारों ने खुद को केवल साक्षर बताया है और 30 उम्मीदवार निरक्षर हैं।

मौजूदा विधानसभा चुनाव में 854 (29 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच बताई है, जबकि 1,567 (54 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच बताई है। 495 (17 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच बताई है, और चार उम्मीदवारों ने अपनी आयु 80 वर्ष से अधिक बताई है।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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