उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की 25 सिफारिशें सरकार के पास लंबित
उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की 25 सिफारिशें सरकार के पास लंबित
नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने पांच उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 25 नामों की सिफारिश की थी, जो अभी भी सरकार के पास लंबित हैं। इनमें सबसे पुराना मामला वकील सौरभ कृपाल का है, जिनके नाम पर अक्टूबर 2017 से अंतिम फैसले का इंतजार है।
शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार के पास लंबित सिफारिशों की संख्या हाल के वर्षों की तुलना में काफी कम हो गई है।
उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए लंबित 25 नामों में ज्यादातर दिल्ली, कलकत्ता, मद्रास, पंजाब एवं हरियाणा और गुजरात उच्च न्यायालयों से जुड़े मामले हैं। इसके अलावा कुछ अन्य उच्च न्यायालयों के नाम भी इसमें शामिल हैं।
पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी एन कृपाल के पुत्र एवं अधिवक्ता सौरभ कृपाल का नाम दिल्ली उच्च न्यायालय कॉलेजियम ने अक्टूबर 2017 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति के लिए उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम को भेजा था।
हालांकि, उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने उनके नाम पर विचार-विमर्श को तीन बार टाल दिया था। आखिरकार, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने नवंबर 2021 में कृपाल के पक्ष में फैसला किया। इसके बाद अगले साल नवंबर में सरकार ने उनकी फाइल को पुनर्विचार के लिए उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम को वापस भेज दिया। कॉलेजियम द्वारा अपनी सिफारिश दोहराए जाने के बाद से यह फाइल अभी भी लंबित है।
उपरोक्त सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास लंबित अन्य नामों में से ज्यादातर अपेक्षाकृत नए हैं। सौरभ कृपाल के अलावा केवल दो अन्य नाम ही ऐसे हैं, जो काफी समय से लंबित हैं।
उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने की अपनी सिफारिशें केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग को भेजते हैं।
विभाग उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम को भेजने से पहले संबंधित उम्मीदवार के बारे में खुफिया ब्यूरो (आईबी) की रिपोर्ट समेत अन्य जरूरी जानकारियां इसमें जोड़ता है।
कॉलेजियम अपने विवेक के अनुसार न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए नाम की सिफारिश करता है या फिर फाइल को उच्च न्यायालय कॉलेजियम को वापस भेज देता है।
देश के 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या वर्तमान में 1,122 है।
उच्च न्यायालय में अभी 304 पद खाली हैं। वर्तमान में 25 उच्च न्यायालयों में 818 न्यायाधीश कार्यरत हैं। कुल स्वीकृत पदों के हिसाब से देखें तो उच्च न्यायालयों में करीब 27 प्रतिशत पद अभी रिक्त हैं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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