School Closed Latest News: 11 सितंबर को बंद रहेंगे सभी स्कूल, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला

11 सितंबर को बंद रहेंगे सभी स्कूल, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, School Closed On 11 September Due to BRICS Conference

School Closed Latest News: 11 सितंबर को बंद रहेंगे सभी स्कूल, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला
Modified Date: September 6, 2026 / 04:38 pm IST
Published Date: September 6, 2026 4:37 pm IST

नई दिल्ली: School Closed On 11 September ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी के स्कूल 11 सितंबर को बंद रहेंगे। आधिकारिक परिपत्र में यह जानकारी दी गई। पांच सितंबर को जारी परिपत्र में कहा गया कि यह अवकाश शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों पर लागू होगा, जिनमें सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल शामिल हैं। शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालय भी इस दिन बंद रहेंगे।

School Closed On 11 September बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को और दुरुस्त करते हुए रात में करीब 300 सफाई कर्मचारियों को तैनात किया है साथ ही, मशीनीकृत सफाई उपकरणों का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चार सितंबर से अतिरिक्त सफाई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत रात की पाली में करीब 300 सफाई कर्मचारियों के साथ 10 ‘मैकेनिकल रोड स्वीपर’ (एमआरएस) की भी व्यवस्था की गई है। सफाई और कचरा उठाने का अधिकांश काम रात में किया जा रहा है, ताकि सुबह लोगों की आवाजाही बढ़ने से पहले प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पूरी की जा सके।

जलेबी से लेकर लहंगे तक, मेहमानों के सामने दिखेगी दिल्ली की रंगीन तस्वीर

चांदनी चौक और आसपास के बाजारों में विदेशी मेहमानों के लिए सिर्फ खरीदारी ही आकर्षण नहीं होगी। यहां की गलियों में मशहूर जलेबी और कचौड़ी की दुकानें, छोले-भटूरे, भल्ले-पापड़ी और पराठों का स्वाद, मिठाइयों की दुकानें और कपड़ों के बाजार अपनी अलग पहचान रखते हैं। लहंगा, साड़ी, सूट, जूलरी, सूटिंग-शर्टिंग, गोटा-जरी और ड्राइफ्रूट्स के थोक बाजार विदेशी मेहमानों को दिल्ली के पारंपरिक कारोबार और खान-पान से रूबरू करा सकते हैं। CTI का मानना है कि ऐसे दौरे से विदेशी प्रतिनिधियों को दिल्ली की संस्कृति, पहनावे, खान-पान और यहां की मेहमाननवाजी को करीब से देखने का अवसर मिलेगा और स्थानीय कारोबार को भी इसका लाभ मिल सकता है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।