एक साथ 251 लड़कियां बनीं दुल्हन, रीति-रिवाज अलग लेकिन सबके सपने एक

एक साथ 251 लड़कियां बनीं दुल्हन, रीति-रिवाज अलग लेकिन सबके सपने एक

एक साथ 251 लड़कियां बनीं दुल्हन, रीति-रिवाज अलग लेकिन सबके सपने एक
Modified Date: November 29, 2022 / 09:01 pm IST
Published Date: December 27, 2017 10:09 am IST

खबर गुजरात के सूरत की है। जहां एक साथ सामूहिक विवाह के तहत 251 बेटियों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की. सामूहिक विवाह केवल एक विवाह का आयोजन नहीं है बल्कि कमजोर, जरुरतमंद और असहाय परिवार की बेटी का कन्यादान करने से बड़ा पुनीत काम कोई नहीं है। वैसे तो बेटी का कन्यादान करना हर मां-बाप का सपना होता है लेकिन एक असहाय और कमजोर परिवार के लिए ये किसी समस्या से कम नहीं है. यही कारण है कि आज के दौर में ऐसी समस्याओं के निदान के लिए सरकार और सामाजिक संस्थाएं आगे आ रही हैं. सामूहिक विवाह में कन्याओं का उनके अपने अलग-अलग धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत शादी की जाती है.

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सूरत में हुए इस सामूहिक विवाह का आयोजिन सूरत के हीरा व्यापारी महेश सवानी ने किया. इस दौरान उन्होंने  251 बेटियों का कन्यादान किया. कहा जा रहा है कि इस विवाह में 245 हिन्दू, पांच मुस्लिम, एक ईसाई दंपति के अलावा  HIV पीड़ित दो महिलाएं भी शामिल हुईं. प्रशंसनीय बात ये है कि इस विवाह में 1 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. विवाह की दूसरी मजेदार बात ये थी कि लड़कियों की शादी उनके धर्म के मुताबिक की गई. यही कारण है कि अपने पारंपरिक लिबास में सभी बेटियां बेहद खूबसूरत लग रही थी.

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इस पुनीत कार्य के आयोजक महेश सवानी का कहना है कि जिन लड़कियों के पास पिता नहीं हैं उनकी शादी का ख़र्च उठाना काफ़ी मुश्किल काम है. इसीलिए वो इसे सामाजिक दायित्व मान लड़कियों के पिता बनने की जिम्मेदारी उठाते हैं. सच में किसी गरीब और असहाय परिवार की कन्या का दान करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का काम है.

 

वेब डेस्क, IBC24


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