इस साल 15 मार्च तक नक्सली हिंसा के 26 मामले सामने आए : सरकार
इस साल 15 मार्च तक नक्सली हिंसा के 26 मामले सामने आए : सरकार
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि इस साल 15 मार्च तक देश में माओवादियों द्वारा हिंसा की 26 घटनाएं हुईं जिनमें पांच नागरिकों, एक सुरक्षा कर्मी और 52 नक्सलियों की मौत हुई।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन में कहा, ‘‘वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित जिलों की संख्या 2013 में 126 थी जो मार्च 2026 में घटकर दो रह गई है। एक जिले को ‘चिंताजनक जिला’ की श्रेणी में रखा गया है, जहां नक्सलियों की हिंसक गतिविधियों पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन अब भी कुछ कैडर मौजूद हैं।’’
उन्होंने कहा कि वर्तमान में 35 जिले ऐेसे हैं जो अब उग्रवादी हिंसा से प्रभावित नहीं हैं, लेकिन इन जिलों की स्थिति को सुदृढ़ करने और सुरक्षा एवं विकास उपायों के संबंध में कुछ और समय तक निरंतर समर्थन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार के चार जिले (औरंगाबाद, गया, जमुई, लखीसराय) इसी श्रेणी में आते हैं।
राय ने बताया कि उग्रवादी हिंसा की घटनाएं 2010 में अपने उच्चतम स्तर (1936) पर थीं जो 2025 में 234 रह गई और इसमें 88 प्रतिशत की कमी आई।
उन्होंने कहा कि 2025 में सुरक्षा बलों के हाथों 364 नक्सली मारे गए और 1022 को गिरफ्तार किया गया तथा 2337 को आत्मसमर्पण करने में सहायता प्रदान की गई। वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की रिपोर्ट करने वाले पुलिस थानों की संख्या 2010 में 465 थी जो 2025 में घटकर 119 रह गई।
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा

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