रांची, 21 मई (भाषा) झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के रवि कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरा करने के लिए लगभग 32,000 बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 30 जून से घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया इस उद्देश्य से चलाई जा रही है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से न छूट जाए।
कुमार ने बताया, “एसआईआर प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी, लेकिन मतदाता गणना 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान 32,000 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र देंगे और उनका सत्यापन करेंगे। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में हैं, उनके विवरण का मिलान 2003 के पिछले एसआईआर से किया जाएगा।”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, “20 से 29 जून तक, बीएलओ के लिए प्रशिक्षण और तैयारी का काम किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। हम हर मतदाता तक पहुंचेंगे।”
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का मसौदा पांच अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि आपत्तियां और दावे पांच अगस्त से चार सितंबर तक दर्ज किए जा सकते हैं। नए मतदाता 30 जून से फॉर्म-6 के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सीईओ ने कहा, ‘‘नए मतदाताओं के लिए आवेदन, दावे और आपत्तियां भी बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर एकत्र की जाएंगी तथा जिन मतदाताओं से संपर्क नहीं किया जा सकता है, उनके लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।’’
कुमार ने कहा कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम मसौदा मतदाता सूची में प्रकाशित किए जाएंगे, चाहे उनके नाम अंतिम मानचित्रण से मेल खाते हों या नहीं।
उन्होंने कहा कि इसके बाद, यदि कोई तार्किक विसंगति पाई जाती है, तो आवेदन को रद्द करने के लिए नोटिस भेजे जाएंगे।
राज्य में इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए लगभग 50,000 कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इस संख्या में 24 जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), 81 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), 340 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), अतिरिक्त 80 एईआरओ, 32,000 बीएलओ और 4,000 बीएलओ पर्यवेक्षक शामिल हैं।
मतदाताओं द्वारा दस्तावेज़ जमा करने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में सीईओ ने कहा कि जिन मतदाताओं का मानचित्रण 2003 में पूरा हो चुका था और जिनके नाम में कोई तार्किक त्रुटि नहीं है, उन्हें कोई अलग दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘जिनके नाम 2003 में दर्ज नहीं थे और जिनके नाम में तार्किक त्रुटि है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्दिष्ट 11 दस्तावेजों में से कोई एक जमा करना होगा।’’
भाषा राजकुमार नरेश
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