कांग्रेस के एक नेता ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद एनटीए को भंग करने की मांग की

कांग्रेस के एक नेता ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद एनटीए को भंग करने की मांग की

कांग्रेस के एक नेता ने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद एनटीए को भंग करने की मांग की
Modified Date: May 14, 2026 / 10:06 pm IST
Published Date: May 14, 2026 10:06 pm IST

देहरादून (उत्तराखंड), 14 मई (भाषा) कांग्रेस के एक नेता ने बृहस्पतिवार को नीट यूजी परीक्षा में सीट की बड़े पैमाने पर ‘नीलामी’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को तत्काल भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की ।

कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने यहां प्रेसवार्ता में एनटीए को एक विश्वसनीय सरकारी संस्था की बजाय एक ‘एनजीओ’ करार देते हुए कहा कि 2017 में गठित की गयी यह एजेंसी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए अपने सहयोगियों को पिछले दरवाजे से प्रवेश की सुविधा प्रदान करने का एक जरिया बन गई है।

एनटीए द्वारा तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द करने का फैसला लिया है। एजेंसी ने घोषणा की है कि यह परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी ।

शर्मा ने इसकी तुलना मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले से की। नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को ‘व्यापम पार्ट दो’ बताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एनटीए ने अब तक 14 परीक्षाएं आयोजित की हैं जिनमें से सात में प्रश्नपत्र लीक हो गया ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक लीक नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य की नीलामी है । हम मांग करते हैं कि एनटीए को तत्काल भंग किया जाए और नीट जैसी बड़ी परीक्षाएं यूजीसी या सीबीएसई जैसी स्थापित सरकारी संस्थाओं द्वारा कराई जाएं।’’

कांग्रेस नेता ने समयबद्ध, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच और 2024 एवं 2026 की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की विवेचना के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की भी मांग की ।

शर्मा ने दावा किया कि पिछली जांचों के दौरान 48 गिरफ्तारियां होने के बावजूद सीबीआई 90 दिनों की अनिवार्य अवधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा सत्ताधारी पार्टी से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारियों को बचाने के लिए किया गया ।

उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षा मंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए । लाखों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध रखी है ।’’

कांग्रेस नेता ने एनटीए का व्यापक फोरेंसिक और वित्तीय ऑडिट कराने की भी मांग की ।

भाषा दीप्ति राजकुमार

राजकुमार


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