Trump and Xi Today Meeting News: चिनफिंग ने चेताया, इधर तारीफ में कसीदे पढ़ते रहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.. जानें 9 साल बाद हुई बीजिंग यात्रा पर कैसी रही महाशक्तियों की बैठक

Trump and Xi Today Meeting News: बीजिंग बैठक में शी चिनफिंग ने ताइवान मुद्दे पर चेताया, ट्रंप संग व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई।

Trump and Xi Today Meeting News: चिनफिंग ने चेताया, इधर तारीफ में कसीदे पढ़ते रहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.. जानें 9 साल बाद हुई बीजिंग यात्रा पर कैसी रही महाशक्तियों की बैठक

Trump and Xi Today Meeting News || AI Generated File

Modified Date: May 14, 2026 / 11:18 pm IST
Published Date: May 14, 2026 11:14 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शी चिनफिंग ने ताइवान मुद्दे पर अमेरिका को टकराव की चेतावनी दी।
  • ट्रंप और चिनफिंग ने व्यापार, ईरान और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की।
  • नौ साल बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा चर्चा में रही।

बीजिंग: ईरान युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार जैसे व्यापक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बीच चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से संभालने से दोनों देशों के बीच “टकराव और यहाँ तक कि संघर्ष” की स्थिति पैदा हो सकती है। (Trump and Xi Today Meeting News) बीजिंग में लगभग दो घंटे तक हुई वार्ता के पहले दौर के समापन के बाद, ट्रंप ने चिनफिंग और उनकी पत्नी को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया, जबकि दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना आवश्यक है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और अमेरिका रचनात्मक द्विपक्षीय संबंधों के निर्माण के लिए एक “नए दृष्टिकोण” पर सहमत हुए हैं।

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ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण

बैठक के बाद चिनफिंग ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ रणनीतिक स्थिरता के रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंधों के निर्माण के एक नए दृष्टिकोण पर सहमति व्यक्त की है।” सरकारी मीडिया के अनुसार, चिनफिंग ने कहा कि यह “नया दृष्टिकोण” अगले तीन वर्षों और उससे आगे द्विपक्षीय संबंधों के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा तथा दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा इसका स्वागत किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चिनफिंग के हवाले से कहा कि अगर स्थिति को सही ढंग से संभाला गया तो द्विपक्षीय संबंध “कुल मिलाकर स्थिर रहेंगे”, अन्यथा, दोनों देशों को “टकराव और यहां तक ​​कि संघर्ष” का सामना करना पड़ सकता है, जिससे द्विपक्षीय संबंध गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे। उन्होंने अमेरिका से ताइवान मुद्दे को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया। स्वशासित ताइवान को चीन एक विद्रोही प्रांत मानता है। वह उन देशों को ताइपे के साथ औपचारिक संबंध रखने से रोकता है जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध हैं।

जानें किस प्रमुख मसलों पर हुई चर्चा

वर्ष 1979 में आधुनिक चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने के बाद से, अमेरिका ताइवान को अनौपचारिक समर्थन देते हुए और उसे हथियार मुहैया कराते हुए बीजिंग की मांगों के दायरे में रहने में कामयाब रहा है। (Trump and Xi Today Meeting News) वाशिंगटन ताइवान को चीन का हिस्सा मानने के बीजिंग के रुख को स्वीकार करता है लेकिन स्पष्ट रूप से इसका समर्थन नहीं करता। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर चर्चा की।

बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की जिसमें चीन में अमेरिकी व्यवसायों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना और अमेरिकी उद्योगों में चीनी निवेश बढ़ाना शामिल है। व्हाइट हाउस के अनुसार, कई प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के अधिकारियों ने बैठक के एक हिस्से में भाग लिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले रहने पर दोनों देश सहमत

बयान में कहा गया, “नेताओं ने अमेरिका में फेंटानिल बनाने वाले रसायनों की तस्करी रोकने की दिशा में हुई प्रगति को और आगे बढ़ाने, तथा अमेरिकी कृषि उत्पादों की चीनी खरीद में बढ़ोतरी करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।” व्हाइट हाउस ने कहा, “दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि ऊर्जा का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना चाहिए।”

इसने कहा कि चिनफिंग ने “जलडमरूमध्य के सैन्यीकरण और इसके उपयोग के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क लगाने के प्रयास के प्रति चीन का विरोध स्पष्ट किया।” (Trump and Xi Today Meeting News) व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, चिनफिंग ने “भविष्य में जलडमरूमध्य पर चीन की निर्भरता को कम करने के लिए अधिक अमेरिकी तेल खरीदने में रुचि व्यक्त की।” इसने कहा, “दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।”

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‘अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन’ : डोनल्ड ट्रंप

इससे पहले, ट्रंप ने बैठक को “शायद अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन” बताया और कहा कि दोनों देशों का “एक साथ शानदार भविष्य होगा।” चिनफिंग को “महान नेता” बताते हुए ट्रंप ने कहा कि वार्ता में ईरान युद्ध, व्यापार तनाव, ‘टैरिफ’, प्रौद्योगिकी और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

ट्रंप बुधवार को व्यापारिक नेताओं के एक समूह के साथ बीजिंग पहुंचे। उनके साथ अमेरिका के कई बड़े कारोबारी नेता भी आए हैं, जिनमें एनवीडिया के जेन्सन हुआंग, एप्पल के टिम कुक, टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क तथा ब्लैक रॉक के लैरी फिंक सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। नौ वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में भी चीन की यात्रा की थी। (Trump and Xi Today Meeting News) यह बैठक ईरान संघर्ष, नए सिरे से शुरू हुए ‘टैरिफ’ विवाद, निर्यात नियंत्रण, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति शृंखला और ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हुई।

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