चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही ‘आप’ सरकार, दिल्ली को ‘बर्बाद’ कर दिया: भाजपा

चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही ‘आप’ सरकार, दिल्ली को ‘बर्बाद’ कर दिया: भाजपा

चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही ‘आप’ सरकार, दिल्ली को ‘बर्बाद’ कर दिया: भाजपा
Modified Date: January 12, 2025 / 05:38 pm IST
Published Date: January 12, 2025 5:38 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार अपने सभी प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है और उसने दिल्ली को बर्बाद कर दिया है।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यमुना की सफाई और दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने समेत 10 वादे गिनाए, जो आप ने 2020 के चुनाव से पहले किए थे, लेकिन ये पूरे नहीं हुए।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए पुरी ने कहा कि आप के राष्ट्रीय संयोजक केवल झूठ फैलाते हैं और मतदाताओं से उनकी पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करने के लिए कोई प्रयास नहीं करते।

भाजपा नेता ने कहा कि केजरीवाल यह कहते हुए राजनीति में आए थे कि वह बड़े सरकारी बंगले स्वीकार नहीं करेंगे और केवल अपनी ‘वैगन आर’ का इस्तेमाल करेंगे लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान एक आलीशान जीवन जीने के लिए उन्होंने एक ‘शीशमहल’ बनवा लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया।’’

पुरी ने पंजाब की आप सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने सीमावर्ती राज्य में नशे की बुराई को खत्म करने का वादा किया था लेकिन इसके बजाय इससे जुड़े माफियाओं को ज्यादा ‘ऊर्जा’ मिल गई।

उन्होंने कहा, ‘‘सुबह से शाम तक वे (आप) केवल टीवी चैनलों पर विज्ञापन चला रहे हैं। आपके पास अधिकार (विज्ञापन चलाने का) है क्योंकि आप उनके लिए भुगतान कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि टीवी चैनलों के मालिक पंजाब के नशा मुक्त नेतृत्व के बारे में विज्ञापन चलाकर राजस्व कमा रहे हैं।’’

दिल्ली विधानसभा की 70 सीट के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और मतों की गिनती आठ फरवरी को होगी।

साल 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने क्रमशः 67 और 62 सीट जीती थीं। भाजपा ने 2015 में तीन सीट और 2020 में आठ सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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