नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) भाजपा ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) को आम आदमी पार्टी (आप) का ‘‘मुखौटा संगठन’’ बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस नेताओं के धरने से आप असहज हो गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की यह प्रतिक्रिया आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के उस आरोप के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने जंतर-मंतर पर नीट मुद्दे को लेकर छात्र आंदोलन को कमजोर करने के लिए राहुल गांधी से प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का धरना दिलवाया।
भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि सिंह की टिप्पणी से स्पष्ट होता है कि कॉजपा का जारी आंदोलन आम आदमी पार्टी के इशारे पर हो रहा है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को खुलकर राजनीति करने की चुनौती भी दी।
मालवीय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में संजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल का लाउडस्पीकर इस बात से परेशान है कि राहुल गांधी का धरना उनके ‘मुखौटा संगठन’ के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश है। यानी आप खुद स्वीकार कर रही है कि कॉजपा कोई गैर-राजनीतिक छात्र आंदोलन नहीं है, बल्कि उसे उसी ने प्रायोजित किया है। अगर राजनीति करनी है तो खुलकर कीजिए।’’
मालवीय ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की ‘‘कोई विश्वसनीयता नहीं बची है’’, इसलिए वह अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए छात्रों को ‘‘खतरे में धकेल रहे हैं।’’
कॉजपा के विरोध-प्रदर्शन का खुलकर समर्थन कर रही आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के धरने पर तंज कसते हुए इसे भाजपा नीत सरकार के साथ ‘‘जुगलबंदी’’ करार दिया और राहुल गांधी पर आंदोलन को ‘‘कमजोर’’ करने का आरोप लगाया।
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कॉजपा के प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए, मोदी ने राहुल गांधी से अपने ही आवास पर विरोध-प्रदर्शन करवाया।’’
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने की ‘‘इजाजत’’ कैसे मिल गई, जबकि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कॉजपा के समर्थकों से उनके महीने भर से जारी प्रदर्शन के बावजूद बात करने से इनकार कर दिया था।
भाषा आशीष पवनेश
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