भारत ने चार भारतीय नाविकों की मौत पर रूस के दूतवास प्रभारी को तलब करके ‘गहरी चिंता’ जतायी

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भारत ने चार भारतीय नाविकों की मौत पर रूस के दूतवास प्रभारी को तलब करके ‘गहरी चिंता’ जतायी

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 10:40 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 10:40 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) भारत ने मंगलवार को रूस के दूतावास प्रभारी को तलब करके यूक्रेन के तट के पास गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर रूसी हमले को लेकर अपनी ‘‘गहरी चिंता’’ जतायी और ‘‘स्पष्ट शब्दों में निंदा’’ की। इस हमले में भारतीय चालक दल के चार सदस्यों समेत 10 लोगों की मौत हो गई थी।

रूस के दूतावास प्रभारी व्लादिमीर लादानोव को विदेश मंत्रालय (एमईए) तलब किया गया। भारत ने एक दिन पहले ‘एमवी गोल्डन लियो’ नामक पोत पर हुए रूसी हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

विदेश मंत्रालय ने लादानोव से कहा कि इस तरह के हमले ‘‘अस्वीकार्य’’ हैं और इनसे बचा जाना चाहिए।

रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारतीय नाविकों की मौत का यह पहला मामला है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘मंत्रालय ने 19 जुलाई को वाणिज्यिक पोत ‘एमवी गोल्डन लियो’ पर हुए हमले को लेकर भारत की गहरी चिंता जतायी और इसकी स्पष्ट शब्दों में निंदा की। इस हमले में चार भारतीयों की दुखद मृत्यु हो गई थी। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, संरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं।’’

बयान में कहा गया, ‘‘रूस के राजदूत प्रभारी से अनुरोध किया गया कि वह अपने अधिकारियों तक भारत की यह कड़ी चिंता पहुंचाएं कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और इसके परिणामस्वरूप निर्दोष नागरिकों की जान जाना अस्वीकार्य है तथा इससे बचा जाना चाहिए।’’

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि रूस ने रविवार को यूक्रेन के समुद्री गलियारे से गुजर रहे इस नागरिक पोत पर हमला किया। इसके चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक शामिल थे।

यूक्रेनी वायुसेना ने कहा कि गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले इस पोत पर रूस ने क्रूज मिसाइल से हमला किया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पोत पर चालक दल के कुल 17 सदस्य थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।

भारत ने सोमवार को इस हमले की निंदा करते हुए दोहराया था कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना ‘‘निंदनीय है और इससे बचा जाना चाहिए।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रहा है।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश