मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले का आरोपी गिरफ्तार: जम्मू-कश्मीर सरकार

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले का आरोपी गिरफ्तार: जम्मू-कश्मीर सरकार

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले का आरोपी गिरफ्तार: जम्मू-कश्मीर सरकार
Modified Date: January 29, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: January 29, 2026 11:12 pm IST

जम्मू, 29 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के देहरादून में कश्मीरी युवक पर हुए हमले के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर सरकार ने दावा किया कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हस्तक्षेप के बाद कथित हमलावर को पकड़ने में मदद मिली।

केंद्र-शासित प्रदेश की सरकार ने एक बयान में कहा कि उमर के हस्तक्षेप से प्राथमिकी दर्ज हुई और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले दिन में उमर ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर कथित हमले का मुद्दा उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उत्तराखंड के देहरादून जिले में बुधवार को शॉल बेच रहा 18 वर्षीय कश्मीरी युवक कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा गया, ‘‘जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले के संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की और उनसे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।’’

पोस्ट के मुताबिक, ‘‘धामी ने आश्वासन दिया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।’’

उमर ने ‘एक्स’ पर इस पोस्ट को उद्धृत करते हुए लिखा, ‘‘पहले हिमाचल प्रदेश में और अब उत्तराखंड में, हाल-फिलहाल में हुए ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोकना होगा। कश्मीर के लोग देश के अन्य हिस्सों में अपनी जान को लेकर डर के साये में जिएं तो यह दावा नहीं किया जा सकता कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘मेरी सरकार जहां भी आवश्यक होगा हस्तक्षेप करेगी और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार का गृह मंत्रालय अन्य राज्यों को भी इसी तरह जागरूक करेगा।’’

इससे पहले, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एमवाई तारिगामी और जम्मू-कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने भी कश्मीरी युवक पर हुए हमले पर गहरा रोष व्यक्त किया था।

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने दावा किया कि पीड़ित से पहले उसकी पहचान के बारे में पूछताछ की गई और ‘‘यह जानने के बाद कि परिवार मुस्लिम समुदाय से है और कश्मीर से है, उस पर हमला किया गया।’’

खुएहामी ने आरोप लगाया, “घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी कथित तौर पर घसीटा गया, थप्पड़ मारे गए और उन पर हमला किया गया।”

इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए, संगठन ने इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और राज्य में कश्मीरी व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

भाषा शफीक पारुल

पारुल


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